फोन टैपिंग मामला: पूर्व डीजीपी ने लपेटे कई आईएएस और आईपीएस, सब थाने में होंगे हाजिर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहुचर्चित फोन टैपिंग मामले में पूर्व डीजीपी आईडी भंडारी के बयान ने कई आईएएस और आईपीएस अफसरों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शिमला पुलिस अब एक-एक करके इन अफसरों को थाने में हाजिर होने का हुक्मनामा भेजने की तैयारी कर रही है। टीम प्रश्नावली तैयार करने में जुटी है। इसके लिए संबंधित रिकॉर्ड भी विजिलेंस से कब्जे में ले लिया गया है।
शिमला पुलिस को दिए बयान में भंडारी ने तत्कालीन मुख्य सचिव सुदृप्तो राय, प्रधान सचिव पी मित्रा, गृह सचिव पीसी धीमान, सामान्य प्रशासन सचिव शुभाशीष, अभिषेक त्रिवेदी पर फोन टैपिंग का झूठा केस तैयार करने की साजिश रचने का आरोप लगाया है।
इनके अलावा पूर्व डीजीपी ने शिमला के तत्कालीन डीसी, एडीएम, एसडीएम सहित पुलिस महकमे के सीआईडी के तत्कालीन एडीजीपी एसकेबीएस नेगी, विजिलेंस जांच अफसर आईपीएस एपी सिंह, एचपीएस पंकज शर्मा को भी बयान में नामजद किया है। शिमला पुलिस ने अदालत के आदेश पर दर्ज एफआईआर के बाद पूर्व डीजीपी आईडी भंडारी के बयान दर्ज किए हैं।
यह है मामला
अब पुलिस इन अफसरों से जल्द पूछताछ करेगी और थाने में हाजिर होने के लिए हुक्मनामा भेजेगी। पूछताछ से पहले प्रश्नावली तैयार की जाएगी। लिखित में इन्हें जवाब देने होंगे, ताकि भविष्य में वे अपनी बात से इंकार न कर सकें। पूछताछ के दौरान वीडियो रिकॉर्डिंग होगी।
उधर, शिमला पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामला संवेदनशील है, लिहाजा कोई प्रतिक्रिया नहीं दे सकते। इतना जरूर कहा कि पूर्व डीजीपी के बयान ले लिए गए हैं और उन्होंने कई पूर्व और कई मौजूदा अफसरों को बयान में नामजद किया है।
आरोप है कि वीरभद्र सरकार के समय में रहे तत्कालीन मुख्य सचिव, गृह सचिव, सामान्य प्रशासन सचिव पर तत्कालीन एडीजीपी सीआईडी के साथ 24 दिसंबर, 2013 को उनके कार्यालय में बिना अनुमति के प्रवेश करने और कंप्यूटर दस्तावेजों, अन्य गोपनीय सूचनाओं को कब्जे में लिया है। पूर्व डीजीपी का आरोप है कि इसके लिए पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।