फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Every individual in Himachal Pradesh has debt of Rs 57, 642: CAG report

कैग रिपोर्ट में खुलासा, हिमाचल में हर आदमी पर इतने रुपये कर्ज

Sat, 01 Apr 2017 08:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Updated Sat, 01 Apr 2017 08:43 AM IST
विज्ञापन
Every individual in Himachal Pradesh has debt of Rs 57, 642: CAG report
हिमाचल प्रदेश के प्रधान महालेखाकार राम मोहन जौहरी प्रेस वार्ता करते हुए। - फोटो : अमर उजाला

प्रदेश सरकार की कार्यशैली राज्य को कर्ज जाल की ओर धकेल रही है। यह बात कैग रिपोर्ट में कही गई है। इसके अनुसार राज्य द्वारा अगले सात साल में 62 प्रतिशत ऋण का भुगतान करना अपेक्षित है। रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के हर व्यक्ति पर वर्तमान में 57 हजार 642 रुपये का कर्ज है। यह आंकड़ा साल 2011-12 के 40 हजार 904 रुपये की अपेक्षा करीब सत्रह हजार रुपये ज्यादा है। 

विज्ञापन


हालांकि, रिपोर्ट ने साफ किया है कि साल 2015-16 में केंद्र से मिलने वाली ग्रांट में वृद्धि की वजह से प्रदेश का वित्तीय घाटा कुछ कम जरूर हुआ है। कैग ने सरकार को सुझाव दिया है कि वह केंद्र पर वित्तीय कार्यों के लिए निर्भर रहने की बजाय अपने खर्चों में कटौती करे। शुक्रवार को विधानसभा में सरकार ने सीएजी की रिपोर्ट पेश की। इसके बाद प्रदेश के प्रधान महालेखाकार राम मोहन जौहरी ने प्रेस वार्ता कर रिपोर्ट पर विस्तृत जानकारी दी।

विज्ञापन

निवेश किया 3 हजार करोड़ मिला सिर्फ 3.68 फसदी रेवेन्यू

Every individual in Himachal Pradesh has debt of Rs 57, 642: CAG report

बताया कि केंद्र सरकार से राजस्व प्राप्ति बढ़ने से प्रदेश का घाटा साल 2014-15 की अपेक्षा साल 2015-16 में 4200 करोड़ से घटकर 2165 करोड़ हो गया है। भारत सरकार के निर्देशों के बावजूद राज्य सरकार ने 364.57 करोड़ बजट के माध्यम से देने की बजाय सीधे कार्यदायी संस्थाओं को हस्तांतरित कर दिया। प्रदेश की कंपनियों और निगमों पर सरकार ने 31 मार्च, 2016 तक करीब 3 हजार करोड़ का निवेश किया। 

लेकिन उससे महज 3.68 प्रतिशत राजस्व सरकार को अर्जित हुआ। खास बात यह है कि इन निगमों कंपनियों के संचालन के लिए बाजार से उठाए कर्ज पर सरकार 7.89 प्रतिशत की औसत से ब्याज का भुगतान कर रही है। जौहरी ने बताया कि साल 2010-11 से 2015-16 के बीच के करीब 7 हजार 904 करोड़ के व्यय को विधानसभा से मंजूरी मिलनी बाकी है।

गड़बड़झाला, कहां गए छात्रवृत्ति के 9.59 करोड़ रुपए

Every individual in Himachal Pradesh has debt of Rs 57, 642: CAG report

कैग रिपोर्ट में उच्च शिक्षा निदेशालय पर छात्रवृत्ति राशि के आवंटन में गड़बड़झाला करने का आरोप लगाया गया है। बताया गया कि साल 2014-15 के दौरान पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत मानदंड को पूरा नहीं किया गया। 9.59 करोड़ की छात्रवृत्ति को नियमों के खिलाफ ऐसे संस्थानों में पढ़ने वाले 2588 विद्यार्थियों को दिया गया। 

जो विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की ओर से मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा प्रणाली के माध्यम से पाठ्यक्रम उपलब्ध करवाने के लिए प्राधिकृत नहीं थे। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत मान्यता प्राप्त संस्थानों में पोस्ट मैट्रिकुलेशन स्तर पर पढ़ाई कर रहे अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों तथा अन्य पिछड़ा वर्गों से संबंधित विद्यार्थियों को वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed