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चंबा: सात दिन जंगल में बेसुध पड़े रहने के बाद भी जिंदा बच गए हंसराज, पढ़ें पूरा मामला
Tue, 20 Jul 2021 08:57 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, चंबा
अमर उजाला नेटवर्क, चंबा
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 20 Jul 2021 08:57 PM IST
सार
बताया जा रहा है कि बीते आठ जुलाई को हंसराज पांगी से तीसा की तरफ अपने घर आ रहे थे। रानीकोट में हंसराज जंगल की तरफ गए, जहां पांव फिसलने से गहरे नाले में गिर गए और बेहोश हो गए।
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अस्पताल में उपचाराधीन हंसराज।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचनल प्रदेश के चंबा जिले में जंगल में सात दिन घायल अवस्था में बेसुध पड़े रहने के बाद भी व्यक्ति जीवित बच गया। घायल को उपचार के लिए चंबा मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया है। इनकी पहचान हंसराज निवासी गुआड़ी गांव, डाकघर तरेला के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि बीते आठ जुलाई को हंसराज पांगी से तीसा की तरफ अपने घर आ रहे थे। रानीकोट में हंसराज जंगल की तरफ गए, जहां पांव फिसलने से गहरे नाले में गिर गए और बेहोश हो गए। हंसराज घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने तलाश शुरू कर दी। रिश्तेदारों के पास भी गए लेकिन कुछ पता नहीं चला।
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थक-हारकर परिजनों ने 13 जुलाई को पुलिस के पास हंसराज के लापता होने की शिकायत दर्ज करवाई। इसके बाद पुलिस ने भी तलाश शुरू कर दी। आखिरकार 15 जुलाई को जब परिजन व अन्य ग्रामीण तलाश करते हुए रानीकोट के जंगल पहुंचे तो वहां हंसराज घायल अवस्था में मिले। उन्हें उपचार के लिए चंबा मेडिकल कॉलेज लाया गया, जहां टांग में गंभीर चोट की वजह से उन्हें भर्ती किया गया है। डॉक्टरों ने उनकी टांग के ऑपरेशन की बात कही है। चिकित्सा अधीक्षक देवेंद्र ने बताया कि जंगल में घायल अवस्था में मिले व्यक्ति का उपचार मेडिकल कॉलेज में किया जा रहा है।
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