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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   enforcement directorate interrogation of Scholarship Scam accused arrested

Scholarship Scam: छात्रवृत्ति घोटाले में चारों आरोपियों से प्रवर्तन निदेशालय ने की पूछताछ

Fri, 01 Sep 2023 06:22 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Fri, 01 Sep 2023 06:22 PM IST
सार

ईडी ने बीते दिन चार आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद विशेष न्यायालय शिमला में पेश किया था, जहां से इन्हें पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।

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enforcement directorate interrogation of Scholarship Scam accused arrested
प्रवर्तन निदेशालय - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के बहुचर्चित 250 करोड़ रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले में शुक्रवार को चारों आरोपियों से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने लंबी पूछताछ की है। आरोपियों ने छात्रवृत्ति का पैसा कहां-कहां खर्च किया है, इस बारे में जानकारी हासिल की गई। इसके अलावा बैंक खाते में आई राशि के बारे में भी जानकारी ली गई है। जमीन खरीद-फरोख्त को लेकर भी प्रश्न किए गए। जांच पूरी होने के बाद ईडी आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश करेगी।

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ईडी ने बीते दिन चार आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद विशेष न्यायालय शिमला में पेश किया था, जहां से इन्हें पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। इनमें एएसएएमएस एजुकेशन ग्रुप के पार्टनर राजदीप जोसन और कृष्ण कुमार, केसी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट पंडोगा के उपाध्यक्ष हितेश गांधी और प्रदेश उच्च शिक्षा निदेशालय की छात्रवृत्ति शाखा के तत्कालीन अधिकारी अरविंद राजटा को गिरफ्तार किया है।
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मामले में ईडी ने सीबीआई शिमला की ओर से दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की, जिसमें यह आरोप लगाया गया था कि राज्य शिक्षा विभाग, निजी संस्थान और बैंक अधिकारी करीब 250 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति निधि के वितरण में बड़े पैमाने पर गलत विनियोजन में शामिल थे।
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ईडी की जांच से पता चला कि राजदीप जोसन और कृष्ण कुमार ने मेसर्स एएसएएमएस एजुकेशन ग्रुप एंड स्किल डेवलपमेंट सोसायटी के माध्यम से फर्जी दस्तावेज पेश करके एससी, एसटी, ओबीसी विद्यार्थियों के लिए पोस्ट-मैट्रिक योजना के तहत छात्रवृत्ति का दावा किया।


इसी तरह हितेश गांधी की अध्यक्षता वाले केसी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट पंडोगा ने छात्रवृत्ति के लिए फर्जी दावे किए, जिन्हें अरविंद राजटा ने सत्यापित किया। हितेश गांधी ने विद्यार्थियों के बैंक खाते में वितरित छात्रवृत्ति को केसी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट के बैंक खातों में स्थानांतरित कर दिया।

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