Shimla: डीए के बाद तेवर नरम पर कर्मचारियों ने स्थगित नहीं किया धरना-प्रदर्शन
मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को चार फीसदी डीए और चिकित्सा बिलों के भुगतान करने की घोषणा की है। ऐसे में कर्मचारी का यह प्रदर्शन अब आभार समारोह भी हो सकता है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सचिवालय के परिसर में 15 अक्तूबर को होने वाले प्रदर्शन को लेकर सचिवालय सेवाएं कर्मचारी महासंघ की सोमवार को बैठक होनी तय हुई है। मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को चार फीसदी डीए और चिकित्सा बिलों के भुगतान करने की घोषणा की है। ऐसे में कर्मचारी का यह प्रदर्शन अब आभार समारोह भी हो सकता है। यह बैठक महासंघ के अध्यक्ष संजीव शर्मा की अध्यक्षता में होगी। बताया जा रहा है कि सोमवार को सचिवालय कर्मचारी संगठन के पदाधिकारी मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मुलाकात भी कर सकते हैं। सचिवालय कर्मचारी सेवाएं महासंघ ने राज्य सचिवालय के कर्मचारी नेताओं के खिलाफ विशेषाधिकार हनन को वापस लेने की मांग की है।
उल्लेखनीय है कि पूर्व में सचिवालय कर्मचारी नेताओं ने तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कर्मचारी नेताओं पर आरोप लगाए थे। उन्होंने विधानसभा में कर्मचारी नेताओं के खिलाफ विशेषाधिकार हनन को लेकर अध्यक्ष को प्रस्ताव दिया था। सचिवालय प्रशासन को इस बारे में नोटिस जारी किया है। कर्मचारी नेताओं के खिलाफ जांच की बात कही गई है। इस बीच राज्य सचिवालय के इन कर्मचारी नेताओं को उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री इन्हें बातचीत के लिए बुलाएंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ है।
एक समान डीए और एरियर दें : मंडयाल
हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड पेंशनर्स फोरम के महासचिव चंद्र सिंह मंडयाल ने बिजली बोर्ड प्रबंधन से आग्रह किया कि जिस प्रकार मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों और पेंशनरों को 1.1.23 से 4% डीए जारी किया है उसके अनुरूप बिजली बोर्ड में भी ऐसे आदेश जारी किए जाएं। इससे दिवाली से पहले बोर्ड के पेंशनरों को भी डीए का भुगतान हो सकेगा। उन्होंने कहा कि पारिवारिक पेंशनर्स को भी अन्य पेंशनर्स की तर्ज पर एरियर की पहली किस्त 10,000 की जगह 50,000 देय है, जिसे तत्काल दिया जाना चाहिए। पे फिक्सेशन हो चुके पेशनरों को 1.1.16 से 50% एरियर का भुगतान तुरंत किया जाए। बोर्ड प्रबंधन से आग्रह किया है कि प्रदेश सरकार की तर्ज पर बिजली बोर्ड के पेंशनरों को भी एकसमान लाभ दिवाली से पहले दिए जाएं।
आरकेएस कर्मी बोले, सरकार हमें भी दे दिवाली का तोहफा
आईजीएमसी के रोगी कल्याण समिति के कर्मचारियों ने सरकार से नियमित पे स्केल देने की मांग की है। आईजीएमसी आरकेएस यूनियन के अध्यक्ष अरविंद पाल ने कहा कि दिवाली पर सरकार एक ओर कर्मचारियों और पेंशनरों को महंगाई भत्ता, तनख्वाह 28 अक्तूबर को ही दे रही है तो आईजीएमसी के 53 कर्मचारियों की ओर सरकार ध्यान ही नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार उनकी मांग को पूरा कर देती है तो जिस धूमधाम से बाकी लोग दिवाली मनाएंगे उसी तरह वे भी मना सकेंगे। उन्होंने बताया कि महंगाई के दौर में दिवाली की खरीदारी करना मुश्किल हो गया है। बता दें कि कई कर्मचारी बारह सालों से भी अधिक समय से सेवाएं दे रहे है, लेकिन अन्य की नियमित पे स्केल देेने के बाद उनके साथ किए जा रहे सौतेले व्यवहार से कर्मी नाराज हैं।