{"_id":"632cabccf4ecd97a9650d45a","slug":"employees-aagitation-in-shimla-shimla-news-sml4226019168","type":"story","status":"publish","title_hn":"कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
विज्ञापन
employees aagitation in shimla
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीपीडब्ल्यूडी कर्मचारी
संगठन ने बोला हल्ला
श्रम कानूनों का उल्लंघन करने का आरोप
नौकरी से निकाले 18 कर्मियों को बहाल करें : मेहरा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। ऑल इंडिया सेंट्रल पीडब्ल्यूडी (एमआरएम) कर्मचारी संगठन की शिमला शाखा और सीटू जिला शिमला कमेटी ने कर्मचारियों की मांगों को लेकर शिमला में प्रदर्शन किया। संगठन श्रम कानूनों का उल्लंघन होने से खफा है।
सैकड़ों की तादाद में आए कर्मियों ने केंद्रीय श्रम प्रवर्तन अधिकारी और कार्यपालक अभियंता (बागवानी) सीपीडब्ल्यूडी के कार्यालयों के बाहर हल्ला बोला तथा मांगों को पूरा करने का आग्रह किया। प्रदर्शन में शामिल विजेंद्र मेहरा ने बताया कि सीपीडब्ल्यूडी में कई सालों से संविदा अथवा ठेके पर लगभग 150 कर्मचारी कार्यरत हैं। विभाग में देश के श्रम कानून लागू नहीं हो रहे। संविदा कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है। यह कर्मचारी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। सामाजिक सुरक्षा न के बराबर है। वहीं मनमर्जी से कभी भी श्रमिकों को नौकरी से निकाल दिया जा रहा है।
यूनियन ब्रांच के सचिव किशोर ठाकुर ने कहा कि नौकरी से निकाले गए सभी 18 संविदा कर्मचारियों को पुरानी वरिष्ठता और देय आर्थिक लाभों सहित तुरंत बहाल किया जाए। बताया कि प्रसूति के दौरान छुट्टी पर रही एक महिला को भी नौकरी से बाहर कर दिया है। कर्मचारियों को पैसे काटने के बावजूद मेडिकल सुविधा नहीं दी जा रही। ऐसे में ईएसआई योजना तुरंत लागू की जाए। दो सालों से कर्मचारियों से काटी गई ईपीएफ राशि को तुरंत उनके खाते में जमा किया जाए। महिला कर्मियों के लिए प्रसूति अवकाश की सुविधा लागू की जाए। प्रदर्शन के बाद एक प्रतिनिधिमंडल कार्यपालक अभियंता बागवानी से मिला और उन्हें बारह सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। इस अवसर पर बालक राम, हिमी देवी, रामप्रकाश, किशोर ठाकुर, अभी राम, सतपाल बिरसांटा, पंकज शर्मा, भूप सिंह, अमित कुमार, रोशन वर्मा, जय सिंह, प्रेम चंद, खेम चंद, अरुण भारद्वाज, कमल कुमार, जिया लाल, कर्म चंद, राजकुमार, राजेंद्र, अशोक, सुरेंद्र, दिनेश शर्मा और अमर चंद मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
संगठन ने बोला हल्ला
श्रम कानूनों का उल्लंघन करने का आरोप
नौकरी से निकाले 18 कर्मियों को बहाल करें : मेहरा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। ऑल इंडिया सेंट्रल पीडब्ल्यूडी (एमआरएम) कर्मचारी संगठन की शिमला शाखा और सीटू जिला शिमला कमेटी ने कर्मचारियों की मांगों को लेकर शिमला में प्रदर्शन किया। संगठन श्रम कानूनों का उल्लंघन होने से खफा है।
सैकड़ों की तादाद में आए कर्मियों ने केंद्रीय श्रम प्रवर्तन अधिकारी और कार्यपालक अभियंता (बागवानी) सीपीडब्ल्यूडी के कार्यालयों के बाहर हल्ला बोला तथा मांगों को पूरा करने का आग्रह किया। प्रदर्शन में शामिल विजेंद्र मेहरा ने बताया कि सीपीडब्ल्यूडी में कई सालों से संविदा अथवा ठेके पर लगभग 150 कर्मचारी कार्यरत हैं। विभाग में देश के श्रम कानून लागू नहीं हो रहे। संविदा कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है। यह कर्मचारी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। सामाजिक सुरक्षा न के बराबर है। वहीं मनमर्जी से कभी भी श्रमिकों को नौकरी से निकाल दिया जा रहा है।
विज्ञापन
यूनियन ब्रांच के सचिव किशोर ठाकुर ने कहा कि नौकरी से निकाले गए सभी 18 संविदा कर्मचारियों को पुरानी वरिष्ठता और देय आर्थिक लाभों सहित तुरंत बहाल किया जाए। बताया कि प्रसूति के दौरान छुट्टी पर रही एक महिला को भी नौकरी से बाहर कर दिया है। कर्मचारियों को पैसे काटने के बावजूद मेडिकल सुविधा नहीं दी जा रही। ऐसे में ईएसआई योजना तुरंत लागू की जाए। दो सालों से कर्मचारियों से काटी गई ईपीएफ राशि को तुरंत उनके खाते में जमा किया जाए। महिला कर्मियों के लिए प्रसूति अवकाश की सुविधा लागू की जाए। प्रदर्शन के बाद एक प्रतिनिधिमंडल कार्यपालक अभियंता बागवानी से मिला और उन्हें बारह सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। इस अवसर पर बालक राम, हिमी देवी, रामप्रकाश, किशोर ठाकुर, अभी राम, सतपाल बिरसांटा, पंकज शर्मा, भूप सिंह, अमित कुमार, रोशन वर्मा, जय सिंह, प्रेम चंद, खेम चंद, अरुण भारद्वाज, कमल कुमार, जिया लाल, कर्म चंद, राजकुमार, राजेंद्र, अशोक, सुरेंद्र, दिनेश शर्मा और अमर चंद मौजूद रहे।
विज्ञापन