Elephant Project: केंद्र सरकार से सिरमौर को 87 लाख की राशि मंजूर, मानव-हाथी संघर्ष को कम करने की पहल
राज्य के वन्य प्राणी विभाग ने केंद्र सरकार से प्रोजेक्ट एलीफेंट के तहत मानव-हाथी संघर्ष से निपटने और प्रबंधन के मकसद से बजट के लिए प्रस्ताव भेजा था। इस दिशा में अब केंद्र सरकार ने स्वीकृति दे दी है।
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प्रोजेक्ट एलीफेंट (हाथी परियोजना) के तहत केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश के सिरमौर के लिए 87 लाख रुपये के बजट को मंजूरी दे दी है। लंबे समय से उत्तराखंड के राजाजी नेशनल पार्क से सिरमौर की पांवटा साहिब घाटी और नाहन विकास खंड में हाथियों की चहलकदमी बढ़ी है। इसी साल 29 अप्रैल को हाथी के हमले से कोलर में एक महिला की मौत का भी मामला सामने आया था। हर साल हाथी जिले के रिहायशी क्षेत्रों की ओर आने लगे हैं। वे फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे ग्रामीण में दहशत का माहौल है। धीरे-धीरे हाथियों की संख्या भी बढ़ने लगी है। लिहाजा राज्य के वन्य प्राणी विभाग ने केंद्र सरकार से प्रोजेक्ट एलीफेंट के तहत मानव-हाथी संघर्ष से निपटने और प्रबंधन के मकसद से बजट के लिए प्रस्ताव भेजा था।
इस दिशा में अब केंद्र सरकार ने स्वीकृति दे दी है। इस बजट से मैनपावर को बढ़ाया जाएगा। साथ ही हाथियों के व्यवहार से जुड़ी जानकारियां रखने वालों को गज मित्र के तौर पर नियुक्त किया जाएगा। हाथियों के झुंडों पर नजर रखने के लिए वॉच टावर्स भी बनेंगे ताकि हाथियों के संभावित नुकसान और खतरे से बचाव हो सके। प्रोजेक्ट एलीफेंट में मानव-हाथी संघर्ष को कम करने के व्यापक तरीके अपनाए गए हैं। प्रोजेक्ट में हाथियों के गलियारे को भी सुरक्षित करने का प्रावधान है। हाथी परियोजना केंद्र से प्रायोजित योजना है। देश में प्रोजेक्ट एलीफेंट की शुरुआत 1992 में की गई थी। वन अरण्यपाल सिरमौर वीके बाबू ने बताया कि प्रोजेक्ट एलीफेंट के तहत केंद्र सरकार से राशि मंजूर हो चुकी है। यह काफी खुशी की बात है। इसमें कई तरह के कार्य अब संभव हो पाएंगे।