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Shimla: बिजली कर्मचारियों की हुंकार, मांगें पूरी नहीं हुईं तो 28 अक्तूबर से करेंगे प्रदर्शन

Fri, 25 Oct 2024 10:34 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Fri, 25 Oct 2024 10:34 AM IST
सार

इंजीनियरों और कर्मचारियों के संयुक्त मोर्चा ने आपात बैठक कर सरकार को यह अल्टीमेटम दिया है। संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि बिजली बोर्ड को विघटित कर निजी कंपनियों के हवाले नहीं करने देंगे।

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Electricity employees roar, if demands are not met then they will protest from 28th
हिमाचल बिजली बोर्ड (सांकेतिक )। - फोटो : संवाद

विस्तार

राज्य बिजली बोर्ड के कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ संघर्ष तेज करने का फैसला लिया है। मांगे पूरी नहीं होने पर 28 अक्तूबर से प्रदर्शन कर बिजली कर्मचारी विरोध जताएंगे। इंजीनियरों और कर्मचारियों के संयुक्त मोर्चा ने गुरुवार को आपात बैठक कर सरकार को यह अल्टीमेटम दिया है। संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि बिजली बोर्ड को विघटित कर निजी कंपनियों के हवाले नहीं करने देंगे। उन्होंने समाप्त किए गए सभी 51 इंजीनियरिंग कैडर पदों को लेकर तुरंत बहाली भी मांगी।

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संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष लोकेश ठाकुर और महासचिव हीरालाल वर्मा ने बताया कि मांगों पर सरकार व बोर्ड प्रबंधन द्वारा कोई कार्यवाही न होने से कर्मचारियों और अभियंताओं में भारी आक्रोश है। ऐसे में 28 अक्तूबर से पूरे प्रदेश में धरना प्रदर्शन कर विरोध जताने का फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि इसके बाद भी कोई हल नहीं निकला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।  बोर्ड के कर्मचारियों और इंजीनियरों के संयुक्त मोर्चे ने कर्मचारियों के कल्याण और संगठन की परिचालन अखंडता से संबंधित कई महत्वपूर्ण मांगों का सर्वसम्मति से समर्थन किया। 
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मोर्चा के महासचिव हीरालाल वर्मा ने कहा कि 16 अक्तूबर 2024 की अधिसूचना के अनुसार समाप्त किए गए सभी 51 इंजीनियरिंग कैडर पदों की बहाली होनी चाहिए।  एक दशक से अधिक समय से ड्राइवर के रूप में काम कर रहे 81 आउटसोर्स कर्मचारियों को प्रभावित करने वाले छंटनी के आदेशों को वापस लिया जाए। बिना किसी देरी के बिजली बोर्ड में पुरानी पेंशन प्रणाली को लागू किया जाए। बिजली बोर्ड ट्रांसफर स्कीम 2010 से जुड़े द्विपक्षीय समझौते का पालन करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि संयुक्त मोर्चे के परामर्श के बिना कोई भी संपत्ति हस्तांतरित न हो।
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टी/मेट के 1,030 स्वीकृत पदों के लिए चयन प्रक्रिया आरंभ की जाए तथा अन्य रिक्त पदों को भरा जाए। पेंशन और वेतन का बकाया जारी किया जाए।  उन्होंने कहा कि संयुक्त मोर्चा में इन मुद्दों को हल करने में प्रबंधन की अनिच्छा को लेकर गहरी चिंता है। इससे कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ रहा है। मोर्चा ने हिमाचल प्रदेश सरकार और बिजली बोर्ड प्रबंधन से जिम्मेदारी से काम करने और इन लंबे समय से लंबित मुद्दों को तुरंत हल करने का आह्वान किया है, ताकि तनाव को बढ़ने से रोका जा सके और औद्योगिक शांति बनी रहे।


शाम छह बजे से सुबह नौ बजे तक फील्ड में सेवाएं नहीं 
 बिजली बोर्ड कर्मचारियों के वर्क टू रूल के कारण प्रदेश में रात के समय व्यवस्थाएं को चरमराने लगी हैं। शाम छह बजे से सुबह नौ बजे तक बिजली कर्मचारी फील्ड में सेवाएं नहीं दे रहे हैं। उपभोक्ताओं की केवाईसी को लेकर शुरू किया काम भी बोर्ड कर्मियों ने बंद कर दिया है। बिजली बोर्ड से के कई पद समाप्त करने का विरोध तेज हो गया है। बोर्ड के इंजीनियरों और कर्मचारियों के संयुक्त मोर्चा ने इन दिनों वर्क टू रूल के तहत ही काम करने का फैसला लिया है। 

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