शिमला: बिजली बोर्ड ने जलशक्ति महकमे पर फोड़ दिया योजनाओं में ढील का ठीकरा
हिमाचल प्रदेश में करीब दो दर्जन सिंचाई और पेयजल योजनाओं के लिए बिजली के कनेक्शन लंबे समय से नहीं दिए जा रहे हैं, जिससे जलशक्ति विभाग को इन्हें धरातल पर लागू करने में दिक्कत आ रही है। इस संबंध में ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी ने कड़ा संज्ञान लिया है और अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया है।
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राज्य बिजली बोर्ड के अधिकारियों ने जलशक्ति महकमे पर योजनाओं में ढील देने पर ठीकरा फोड़ दिया है। प्रदेश में करीब दो दर्जन सिंचाई और पेयजल योजनाओं के लिए बिजली के कनेक्शन लंबे समय से नहीं दिए जा रहे हैं, जिससे जलशक्ति विभाग को इन्हें धरातल पर लागू करने में दिक्कत आ रही है। इस संबंध में ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी ने कड़ा संज्ञान लिया है और अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया है। ऊर्जा मंत्री चौधरी को उच्च अधिकारियों ने बताया है कि बहुत से मामलों में खुद जलशक्ति विभाग ने ढील बरती है। इसी से परेशानी हो रही है।
जलशक्ति विभाग इस बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं कर रहा है कि कहां पर ट्रांसफार्मर लगाए जाने हैं। स्थान स्पष्ट नहीं होने की वजह से भी बहुत से मामलों में समस्या हो रही है। जिला शिमला में तहसील ठियोग की क्यार और कमाह पंचायतों में बन रही सिंचाई जल योजना के बारे में भी बिजली बोर्ड के अधिकारियों ने अपना स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि है कि ट्रांसफॅार्मर पहुंचा दिया गया है। इस बारे में जो भी ढील है, वह जलशक्ति विभाग की ओर से ही है। इस बारे में जलशक्ति विभाग के अधिकारियों से बार-बार संपर्क किया जा रहा है, मगर वे इस संबंध में खुद ही गंभीर नहीं हैं। तहसील चौपाल के एक अन्य मामले में बताया गया है कि वहां कई तरह की क्लीयरेंस नहीं होने से समस्या हो रही है। कई अन्य मामलों में भी यही स्थिति है।
मंत्री बोले, जलशक्ति विभाग के अधिकारियों से बात करेंगे
ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी ने कहा कि वह जलशक्ति विभाग के अधिकारियों से इस बारे में बात करेंगे कि उनके स्तर पर क्यों ढील है। चौपाल के एक मामले में तो क्लीयरेंस की वजह से भी दिक्कत है। ठियोग में क्यार-कमाह पंचायतों के मामले में क्योें ढील है, इस बारे में भी बिजली बोर्ड के अलावा जलशक्ति विभाग के अधिकारियों से पूछा जा रहा है। अन्य मामलों की वस्तुस्थिति भी पता कर रहे हैं।