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ढाई महीने का भारी-भरकम बिजली बिल एकसाथ चुकाने को हो जाएं तैयार
Wed, 06 May 2020 06:16 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 06 May 2020 06:16 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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बिजली बोर्ड की सुस्त कार्यप्रणाली और लेटलतीफी का खामियाजा प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं को एक साथ ढाई महीने का भारी-भरकम बिजली बिल चुका कर भुगतना पड़ेगा। बोर्ड प्रबंधन ने मीटर रीडिंग से उपभोक्ताओं को बिल देने के लिए कर्मचारियों को फील्ड में भेज दिया है। मार्च से मई मध्य तक बिजली बिल एक साथ भेजे जाएंगे। बीते दिनों एसएमएस से भेजे एवरेज बिलों को भी रीडिंग के आधार पर ठीक किया जाएगा।
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प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को हर माह बिजली बिल दिए जाते रहे हैं। बहुत कम क्षेत्रों में दो माह बाद बिल दिए जाते हैं। एक माह में दिए जाने वाले बिजली बिलों पर लगने वाले मीटर रेंट, फिक्स चार्ज, स्थानीय नगर निकाय के टैक्स सहित अन्य चार्जिस को अब दोगुना से अधिक कर दिनों के हिसाब से तय किया जाएगा। एक माह के टैरिफ स्लैब की जगह अब दो माह के स्लैब के हिसाब से बिजली दरें तय की जाएंगी।
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अप्रैल में बिजली बिल मीटर रीडिंग के आधार पर न देने से अब ऐसे उपभोक्ताओं पर अधिक मार पड़ेगी, जिनकी एक भी यूनिट बढ़ने पर अगले स्लैब में चली जाएगी। इस कारण उपभोक्ता का बिल काफी बढ़ जाएगा। ढाई माह के दौरान बहुत कम ऐसे उपभोक्ता होंगे, जिनकी रीडिंग कम आएगी। अगर इन्हें एक माह का बिल दिया जाता तो आर्थिक बोझ अधिक नहीं पड़ना था। अब लॉकडाउन के चलते जिन घरेलू उपभोक्ताओं का रोजगार प्रभावित हुआ है। उन पर एक साथ ढाई माह के बिजली बिल का बोझ सबसे अधिक पड़ेगा। बोर्ड प्रबंधन ने अगर समय रहते मीटर रीडिंग लेने के लिए कर्मचारी फील्ड में भेजे होते तो उपभोक्ताओं को आर्थिक संकट से बचाया जा सकता था।
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बोर्ड अधिकारी चाहते तो जिस तरह से स्वास्थ्य विभाग सहित आंगनबाड़ी और आशा वर्कर फील्ड में उतरे थे, उसी तरह बोर्ड कर्मी भी मीटर रीडिंग लेकर बिल दे सकते थे। उधर, बोर्ड के प्रबंध निदेशक जेपी कालटा ने बताया कि सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए मीटर रीडिंग लेने कर्मी नहीं भेजे गए। लोगों की सहूलियत को ही एवरेज बिजली बिल भेजे गए, जिससे लोगों पर एक साथ आर्थिक बोझ न पड़े।