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Electric Bike: तीन रुपये की बिजली से 50 किमी दौड़ रही ई-बाइक, प्रदूषण भी नहीं

Wed, 01 Nov 2023 03:29 PM IST
अरविन्द ठाकुर विश्वास भारद्वाज, अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
विश्वास भारद्वाज, अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Wed, 01 Nov 2023 03:29 PM IST
सार

प्रदेश में कुल ई-वाहनों में से 77.75 फीसदी दोपहिया वाहन हैं। इस समय प्रदेश में करीब 2423 ई-वाहन पंजीकृत हैं, जिनमें से 1884 दोपहिया हैं।

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Electric Bike News: with three rupee electricity Electric Bike  covers 50 kilometer distance
ऊना के कुलदीप सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ऊना के कुलदीप सिंह पेशे से इलेक्ट्रीशियन हैं। रोजाना 40 से 50 किलोमीटर सफर करते हैं। चार महीने पहले पेट्रोल बाइक बेचकर उन्होंने डेढ़ लाख रुपये में ई-बाइक खरीदी। पेट्रोल बाइक में रोजाना 100 से 150 रुपये का तेल खर्च होता था। अब रोजाना 3 रुपये की बिजली में 50 किलोमीटर ई-बाइक दौड़ रही है। इलेक्ट्रिक बाइक लेने के बाद महीने में बिजली के बिल में महज 150 रुपये की बढ़ोतरी हुई, जो पहले एक दिन के पेट्रोल का खर्च था।

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इससे दो लाभ हो रहे हैं। एक वायु प्रदूषण कम करने और ग्रीन एनर्जी के उपयोग को प्रोत्साहन देने की मुहिम का हिस्सा तो बने ही, साथ ही बड़ी बचत भी हो गई। हिमाचल प्रदेश में लोग ई-बाइक खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। प्रदेश में कुल ई-वाहनों में से 77.75 फीसदी दोपहिया वाहन हैं। इस समय प्रदेश में करीब 2423 ई-वाहन पंजीकृत हैं, जिनमें से 1884 दोपहिया हैं।
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बसों की बात करें तो एचआरटीसी ही प्रदेश में ई-बसों का संचालन कर रहा है। निजी ऑपरेटरों ने अब तक एक भी ई-बस नहीं खरीदी है, जबकि प्रदेश सरकार इन पर 50 फीसदी अनुदान दे रही है। प्रदेश में 178 यात्री ई-रिक्शा, और 9 मालवाहक ई-रिक्शा, 43 ई-मैक्सी कैब और 30 ओमनी बसें पंजीकृत हैं। 9 ई-ऑटो (थ्री व्हीलर) भी चल रहे हैं। 
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राजधानी शिमला के न्यू शिमला में रहने वाले कारोबारी विकास गुप्ता ने इसी साल मार्च माह में तेरह लाख रुपये खर्च कर ई-कार खरीदी। पेट्राेल कार पर महीने का तेल का खर्च करीब 10 से 11 हजार रुपये हो जाता था। ई-कार पर ईधन का कोई खर्चा नहीं है। घर पर बिजली बिल पहले 1200 आता था और अब 1400 आ रहा है।

प्रदेश में केवल चार्जिंग स्टेशन की कमी ही बड़ी समस्या है, जिसके कारण लंबी दूरी के लिए ई-कार इस्तेमाल करना मुश्किल रहता है। सरकार को हर पेट्रोप पंप पर चार्जिंग स्टेशन लगाना अनिवार्य कर देना चाहिए।


ई-वाहनों को प्रोत्साहन देने के लिए प्रदेश सरकार ने टोकन टैक्स माफ करने का निर्णय लिया है। वाहन की कीमत का 6 फीसदी बतौर टोकन टैक्स वसूला जाता है, जो ई-वाहन खरीदने पर नहीं वसूला जा रहा। इसके अलावा 10 फीसदी सेस भी माफ किया गया है। 10 लाख की कार पर 60 हजार रुपये टोकन टैक्स और 6 हजार रुपये सेस यानी 66,000 रुपये की सीधी छूट दी गई है। - आशीष कुमार कोहली, अतिरिक्त आयुक्त, परिवहन

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