इस माह में होंगे अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ का चुनाव
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प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ तदर्थ कमेटी के संयोजक विनोद कुमार ने कहा कि महासंघ की प्रदेश कार्यकारिणी के चुनाव दिसंबर के पहले हफ्ते में होंगे। महासंघ को एकजुट कर मजबूत बनाया जाएगा।
महासंघ नेता लंबे समय से कर्मचारियों के हितों की रक्षा करते रहे हैं और आज भी यह सिलसिला जारी हैं। कुछ लोग महासंघ की आड़ में निजी स्वार्थ साधने के लिए हथकंडे अपना रहे हैं।
मंगलवार को कालीबाड़ी सभागार में महासंघ का 53 वां स्थापना दिवस मनाया गया। इस दौरान मुख्य अतिथि लेख राम कौंडल रहे। महासंघ के पूर्व अध्यक्ष मधुकर को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए और कर्मचारियों के लिए दिए बलिदान को लेकर उनको याद किया गया।
इस दौरान उन कर्मचारियों को भी याद किया गया जिन्होंने वर्ष 1980 के कर्मचारी आंदोलन में अपने प्राणों की आहुति दी।इस दौरान विनोद ने कहा कि महासंघ को तोड़ने और कर्मचारियों वर्ग को बांटने का प्रयास कई बार होता रहा है। महासंघ आज कई गुटों में बंट चुका है।
महासंघ के चुनाव शीघ्र कराने का मुद्दा गरमाया
कई गुट अपने स्तर पर जिलों में महासंघ का स्थापना दिवस मना रहे हैं।शिमला जिला अध्यक्ष रविंद्र मेहता ने कहा कि महासंघ का गठन 20 नवंबर 1966 को हुआ और इसी दिन स्थापना दिवस मनाते हैं।
महासंघ कर्मचारी हितों की रक्षा के लिए बनाया गया था। तब से लेकर आज तक महासंघ संघर्ष किया जाता रहा है। महासंघ के आगे सरकारों को झुकना पड़ा था। कर्मचारियों के बलिदान को नहीं भूलना चाहिए।
ये कर्मचारी नेता रहे मौजूद
इस मौके पर दिले राम, रविंद्र मेहता, हरि सिंह ठाकुर, कुल्लू के प्रधान दिले राम ठाकुर, मनोज जरयाल, बिलासपुर के प्रधान रणवीर, राकेश चंदेल, प्रवीण मेहता, भगत सिंह, नवीन ठाकुर, मनोज, मनजीत, भगत सिंह, प्रेम कुमार अन्य विभागों के प्रधान, उप प्रधान, महासचिव सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
स्थापना दिवस पर अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के नेताओं ने कहा कि महासंघ प्रदेश कार्यकारिणी के चुनाव शीघ्र कराने का मसला उठाया। इन नेताओं ने कहा कि महासंघ की कमान ऐसे ईमानदार नेता को आगे लाना चाहिए जो कर्मचारी हितों की रक्षा करे।
ऐसे नेता के रूप में सिर्फ एक ही विकल्प विनोद कुमार है, जो ईमानदार और जुझारू हैं। कर्मचारियों की महत्वपूर्ण मांगें सरकार से उठंानी जरूरी हैं। नई पुेंशन योजना (एनपीएस) का मुद्दा ज्वलंत हैं।