Himachal Election: चुनाव आयोग से शिकायतें करने में कांग्रेस से आगे भाजपा, आरोप-प्रत्यारोप की जंग तेज
आदर्श चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर दोनों दल एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं। अब तक राज्य निर्वाचन विभाग और केंद्रीय निर्वाचन आयोग को कांग्रेस के मुकाबले भाजपा ने अधिक संख्या में शिकायतें की हैं।
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हिमाचल प्रदेश में आरोप-प्रत्यारोप की जंग तेज हो गई है। आदर्श चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर दोनों दल एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं। अब तक राज्य निर्वाचन विभाग और केंद्रीय निर्वाचन आयोग को कांग्रेस के मुकाबले भाजपा ने अधिक संख्या में शिकायतें की हैं। भाजपा ने कांग्रेस के खिलाफ 14 शिकायतें दर्ज करवाई हैं, जबकि कांग्रेस ने 4 शिकायतें की हैं। भाजपा की ओर से मंडी संसदीय सीट से प्रत्याशी कंगना रणौत की आपत्तिजनक तस्वीर, भुट्टो को कुट्टो और 15-15 करोड़ में जमीर बेचने के बयानों की शिकायत की गई है। जबकि कांग्रेस ने मंडी से प्रत्याशी विक्रमादित्य सिंह को छोटा पप्पू कहने पर शिकायत की है। राज्य निर्वाचन विभाग ने दो शिकायतें अग्रिम कार्रवाई के लिए केंद्रीय निर्वाचन आयोग को भी भेजी हैं।
भाजपा ने लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात प्रशासनिक अधिकारियों का चुनाव आचार संहिता लगने से पहले स्थानांतरण न करने को लेकर 25 मार्च, 9 और 14 अप्रैल को शिकायत दी है। आचार संहिता के दौरान सरकारी कर्मचारियों द्वारा पद के दुरुपयोग की दो शिकायतें दर्ज करवाई हैं। कांग्रेस ने केंद्रीय चुनाव आयोग को सरकारी रेस्ट हाउस, डाक बंगला और अन्य सरकारी आवासों में ठहरने की सुविधा सिर्फ सरकार की ओर से जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त राजनीतिक लोगों को ही देने के नियम को लेकर शिकायत की गई थी। पच्छाद कांग्रेस ने स्कूल ग्राउंड में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष की मौजूदगी में राजनीतिक कार्यक्रम करने को लेकर भी शिकायत की है।
तथ्य के साथ शिकायतें
भाजपा नेताओं द्वारा आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर राज्य निर्वाचन विभाग और केंद्रीय चुनाव आयोग को तथ्यों के साथ शिकायतें की जा रही हैं। प्रदेश में निष्पक्ष चुनाव आयोजित करने के लिए मनमानी पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। - हरिकृष्ण हिमराल, उपाध्यक्ष कांग्रेस वॉर रूम
त्वरित निपटारा किया जाए
चुनाव आचार संहिता के बीच खुलेआम सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया जा रहा है। भाजपा की ओर से इसकी आयोग को शिकायतें की जा रही हैं लेकिन त्वरित निपटारा नहीं हो रहा। आयोग को शिकायतों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। - विवेक शर्मा, प्रवक्ता भारतीय जनता पार्टी
राज्य चुनाव विभाग की निर्वाचन आयोग से शिकायत
कांग्रेस ने राज्य निर्वाचन विभाग से सड़कों की टारिंग, नालों की चैनलाइजेशन सहित अन्य विकास कार्यों को शुरू करने की अनुमति मांगी थी, जो नहीं मिली। अब कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर 13 पत्रों के माध्यम से राज्य निर्वाचन विभाग की शिकायत केंद्रीय निर्वाचन आयोग से की है।
मुस्लिम महिलाओं को मुफ्त यात्रा की शिकायत
भाजपा ने आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन कर मुस्लिम महिलाओं को ईद के दिन मुफ्त बस यात्रा सुविधा देने की शिकायत राज्य निर्वाचन विभाग से की है। निर्वाचन विभाग को राज्य और जिला आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) नोडल अधिकारियों के माध्यम से 241 शिकायतें प्राप्त हुईं।
43 दिन में निर्वाचन विभाग ने निपटाईं 714 शिकायतें
राज्य निर्वाचन विभाग ने चुनाव आचार संहिता लगने के बाद 43 दिनों के भीतर 714 शिकायतों का निपटारा किया है। सी-विजिल पोर्टल पर मिली 43 शिकायतों को 100 मिनट के भीतर निपटाया गया है। विभाग को कुल 813 शिकायतें मिली थीं, जिनमें से 90 फीसदी करीब 714 का निपटारा किया जा चुका है। निर्वाचन विभाग को राज्य एवं जिला संपर्क केंद्रों पर टोल फ्री नंबर 1800-332-1950 पर राष्ट्रीय शिकायत सेवा पोर्टल (एनजीएसपी) कॉल सेंटर के माध्यम से 485 शिकायतें प्राप्त हुई हैं।
नेत्रहीन मतदाताओं के लिए ब्रेल लिपि में होंगे एपिक कार्ड व फोटो वोटर स्लिप
चुनाव आयोग ने 15वीं लोकसभा के चुनाव के लिए नेत्रहीनों और शारीरिक रूप से विकलांगों के मतदान के लिए विशेष व्यवस्था की है। राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनीष गर्ग ने बताया कि निर्वाचन आयोग की ओर से नेत्रहीन दिव्यांग मतदाताओं की सुविधा के लिए एपिक कार्ड और फोटो वोटर स्लिप ब्रेल लिपि में छपवाई जाएगी। इसके साथ ही ब्रेल बैलेट पेपर व ईवीएम पर स्लिप की सुविधा भी उपलब्ध होगी। उन्होंने बताया, दिव्यांग मतदाताओं के लिए व्हीलचेयर की व्यवस्था, मतदान केंद्रों में रैम्प और परिवहन की सुविधा भी दी जा रही है। उनकी सहायता के लिए एनसीसी, एनएसएस और रेडक्रॉस वॉलंटियर्स भी मौजूद रहेंगे।
उन्होंने बताया कि नेत्रहीन दिव्यांग मतदाता समेत अन्य जो मशीन का बटन दबाकर वोट डालने में असमर्थ हैं, वे वोट डालने के लिए एक सहयोगी को अपने साथ लेकर जा सकते हैं। सहयोगी की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। वह दिव्यांग मतदाता जो स्वयं ईवीएम का बटन दबाकर वोट डालने में समर्थ हैं, उन मतदाताओं के साथ आने वाले सहयोगी दिव्यांग मतदाता को वोटिंग कक्ष तक ले जा सकते हैं, मगर सहयोगी वोटिंग कक्ष के अंदर नहीं जा सकते। ब्यूरो