{"_id":"5f7afdf82e5b0a45f41ba171","slug":"education-minister-govind-singh-thakur-statement-over-school-opening-in-state","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहली से आठवीं कक्षा के स्कूल खोलने में नहीं करेंगे जल्दबाजी: गोविंद ठाकुर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहली से आठवीं कक्षा के स्कूल खोलने में नहीं करेंगे जल्दबाजी: गोविंद ठाकुर
Mon, 05 Oct 2020 04:39 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 05 Oct 2020 04:39 PM IST
विज्ञापन
शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पहली से आठवीं कक्षा वाले स्कूलों को सरकार किसी भी तरह की जल्दबाजी में नहीं खोलेगी। सोमवार को विश्व शिक्षक दिवस के अवसर पर राजधानी शिमला के होटल पीटरहॉफ में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह के बाद मीडिया के साथ बातचीत में शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा की नौ अक्तूबर को प्रस्तावित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में स्कूलों को खोलने का फैसला लिया जाएगा।
विज्ञापन
शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने बताया कि छोटे बच्चों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाना बहुत मुश्किल है, ऐसे में पहली से आठवीं कक्षा को खोलने को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं की जाएगी। नौंवी से बारहवीं की कक्षाओं को चरणबद्ध तरीके से खोला जाएगा। इसको लेकर अंतिम फैसला राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में ही लिया जाएगा।
विज्ञापन
बता दें कि केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को 15 अक्तूबर के बाद अपने स्तर पर स्कूल खोलने का फैसला लेने की मंजूरी दे दी है। इसी क्रम में शिक्षा विभाग ने कैबिनेट बैठक में ले जाने के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया है। प्रस्ताव के तहत पहले चरण में नौंवी से बारहवीं कक्षाओं को खोलने की योजना है। इस प्रस्ताव के तहत एक अन्य विकल्प भी सरकार के सामने रखा जाएगा।
विज्ञापन
इसके तहत सिर्फ बोर्ड कक्षाओं 10वीं और 12वीं को ही 15 अक्तूबर के बाद खोलने की बात कही गई। इसके अलावा इन चार बड़ी कक्षाओं में से दो कक्षाओं को सुबह या शाम के सत्र में चलाने को लेकर भी विकल्प सरकार के सामने रखा जाएगा। 15 अक्तूबर के बाद सभी स्कूलों और कॉलेजों में सौ फीसदी शिक्षकों और गैर शिक्षकों को बुलाया जाना तय है। अभी एक दिन में पचास फीसदी स्टाफ को ही बुलाया जा रहा है।