हिमाचल के निजी स्कूलों से नई और पुरानी फीस का ब्योरा तलब
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नया शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही दोबारा एडमिशन फीस वसूलने वाले निजी स्कूलों पर उच्च शिक्षा निदेशालय ने शिकंजा कस दिया है। अमर उजाला में प्रकाशित खबरों पर संज्ञान लेते हुए उच्च शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी निजी स्कूलों से साल 2018-19 में वसूली गई और साल 2019-20 में वसूले जाने वाली फीस का ब्योरा तलब किया है।
निदेशालय ने पांच मार्च तक सभी जिला उपनिदेशकों से इस बाबत रिपोर्ट मांगी है। निजी स्कूलों पर हर साल विद्यार्थियों से एडमिशन फीस वसूलने और फीस में मनमाने तरीके से बढ़ोतरी करने का आरोप है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने हर साल एडमिशन फीस लेने पर रोक लगाई है।
बावजूद इसके शिमला सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों में निजी स्कूलों ने मनमानी करते हुए फीस में बढ़ोतरी कर दी है। प्रदेश के शीतकालीन छुट्टियों वाले निजी स्कूलों में मार्च महीने से नया शैक्षणिक सत्र शुरू होना है। ग्रीष्मकालीन स्कूलों में अप्रैल से नया सत्र शुरू होगा। आजकल शीतकालीन स्कूलों में एडमिशन और फीस लेने का दौर शुरू हो गया है।
शिक्षा निदेशालय ने सभी निजी स्कूलों को चेताया
ऐसे में उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी निजी स्कूलों को चेताते हुए हर कक्षा में दोबारा ऐडमिशन फीस नहीं वसूलने के आदेश देते हुए पुरानी और नई फीस का स्ट्रक्चर तलब किया है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने निजी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों से अपील की है कि अगर कोई स्कूल दोबारा एडमिशन फीस लेता है तो शिक्षा निदेशालय या जिला उपनिदेशक कार्यालयों में इसकी शिकायत की जाए।
निदेशालय ने निजी स्कूलों में कॉपियां, किताबें, जूते या वर्दी बेचने जैसी कोई भी व्यावसायिक गतिविधियां भी नहीं करने के आदेश दिए हैं। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि अगर किसी निजी स्कूल ने दोबारा से किसी विद्यार्थी से एडमिशन फीस ली तो संबंधित स्कूल के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सभी स्कूलों से पांच मार्च तक फीस का ब्यौरा मांगा गया है। फीस बढ़ाने वाले स्कूलों से जवाब तलबी की जाएगी।