फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   education department order regarding fee collection of hpu

एचपीयू को प्रदेश सरकार का झटका, विभाग ने ये फीस लेने पर लगाई रोक

Tue, 06 Feb 2018 09:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Updated Tue, 06 Feb 2018 09:37 AM IST
विज्ञापन
education department order regarding fee collection of hpu

आर्थिक तंगी के चलते हर साल घाटे का बजट पास करने वाले हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) को प्रदेश सरकार ने एक और झटका दिया है। शिक्षा निदेशक ने 20 जनवरी को पत्र जारी कर एचपीयू से संबद्ध सरकारी कॉलेजों की संबद्धता फीस और इंस्पेक्शन फीस लेने पर रोक लगाने का फरमान जारी किया है।

विज्ञापन


एचपीयू विकास फंड लेने पर पहले ही लगा दी गई है। इसमें सरकार ने कॉलेजों की इस राशि को सरकार से हर साल मिलने वाले वार्षिक अनुदान में से लेने की बात की है। जबकि हालात है ये हैं कि सरकार से मिलने वाले सौ करोड़ के अनुदान से विवि अपने कर्मचारियों के वेतन और पेंशन तक का भुगतान नहीं कर पा रहा है।
विज्ञापन


 ऐसे में विवि के सीमित आय संसाधनों में शामिल संबद्धता फीस को भी न लेने से एचपीयू को सालाना करीब तीन से चार करोड़ का घाटा होेना तय है। इससे जाहिर है कि फीस न लेने पर इन कॉलेजों में नए कोर्स शुरू होने पर संबद्धता फीस माफ करनी पड़ेगी या अपने खाते से ही देनी पड़ेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

प्रदेश भर में 130 कॉलेजों से फीस लेता है एचपीयू

education department order regarding fee collection of hpu

वहीं अस्थायी मान्यता दिए जाने पर इंस्पेक्शन का सारा खर्च भी स्वयं ही उठाना पड़ेगा। एचपीयू की अकादमिक ब्रांच हर साल सरकारी और निजी कॉलेजों को संबद्धता देने पर औसतन बीस हजार या इंस्पेक्शन की अलग से फीस लेती है।

इसी के आधार पर यूजीसी के मानकों के तहत कोर्स शुरू करने को सुविधाएं कॉलेज के पास है या नहीं, इसकी स्थायी संबद्धता दी जाती है। प्रदेश भर में 130 ऐसे सरकारी कॉलेज चल रहे हैं, जिनसे विवि नए कोर्स शुरू करने पर संबद्धता फीस और इंस्पेक्शन फीस लेता रहा है। 

बीते शैक्षणिक सत्र में विवि कार्यकारी परिषद ने एचपीयू विकास के नाम पर यूजी छात्रों से ली जाने वाली 500 रुपये की फीस को वार्षिक के बजाय पूरी डिग्री में एक बार लेने का फैसला लिया था।

सरकार से उठाएंगे मामला : कुल सचिव 

education department order regarding fee collection of hpu

इससे एक साल में एचपीयू को संबद्ध कॉलेजों में पढ़ने वाले करीब 1 लाख दस हजार छात्रों से औसतन 5 करोड़ 50 लाख की आय होती थी। विवि के कुल सचिव प्रो. एसएस नारटा ने माना कि एचपीयू को निदेशक की ओर से सरकारी कॉलेजों से संबद्धता और इंस्पेक्शन फीस न लेने को लेकर पत्र आया है।

इसमें इस फीस को वार्षिक एक करोड़ के अनुदान में से ही पूरा करने को कहा गया है। सरकार के अनुदान से एचपीयू के कर्मचारियों का वेतन तक पूरा नहीं हो रहा है। ऐसे में संबद्धता से संबंधित होने वाला खर्च एचपीयू कहां से कर पाएगा। इस आदेश को वापस लेने की मांग की जाएगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed