उच्च शिक्षा में गुणात्मकता लाने को हिमाचल में गठित होगी शिक्षा परिषद
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देश के अन्य राज्यों की तर्ज पर हिमाचल में भी जयराम सरकार राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद का गठन करेगी। शुक्रवार को शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने सदन में राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद अधिनियम-2018 के गठन का बिल रखा।
सत्र के अंतिम दिन शनिवार को बिल पर चर्चा प्रस्तावित है। इसके बाद अगर सदन बिल को मंजूरी देता है तो उसके बाद आगे की प्रक्रिया की जाएगी। राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के तहत उच्च शिक्षा में गुणात्मकता लाने को परिषद का गठन किया जा रहा है।
प्रदेश में रूसा के क्रियान्वयन को लेकर रणनीति और योजना बनाने, परीक्षा प्रणाली में सुधार, पाठ्यक्रम को समकालीन बनाने, मूल्यांकन और निगरानी, शैक्षणिक सुविधाएं गुणवत्तापूर्ण तरीके से मुहैया करवाने, दिशा-निर्देश और सलाह देने, रूसा के तहत फंडिंग कार्य करने, नए संस्थानों और कॉलेजों की
स्थापना पर सुझाव देने और संस्थानों की मान्यता की प्रक्रिया को सुधारने का काम परिषद करेगी। उच्च शिक्षा के अनुसंधान अध्ययन, प्रदेश विवि, तकनीकी विवि से संबंधित कॉलेज इसके दायरे में रहेंगे। नौणी, कृषि विवि और वेटरनेरी कॉलेज परिषद के दायरे से बाहर रहेंगे।
राज्य परियोजना अधिकारी रूसा सदस्य सचिव होंगे
परिषद का अध्यक्ष कोई शिक्षाविद होगा। सरकार के सचिव (शिक्षा) उपाध्यक्ष और राज्य परियोजना अधिकारी रूसा सदस्य सचिव होंगे। सदस्यों में सूबे के दो सरकारी विश्वविद्यालयों के कुलपति, केंद्रीय विवि के कुलपति, दो निजी विवि के कुलपति, सरकार के सचिव (वित्त) या उनका कोई प्रतिनिधि, जो संयुक्त
सचिव के पद से नीचे का न हो, सचिव (तकनीकी शिक्षा) या उनका कोई प्रतिनिधि, जो संयुक्त सचिव पद से नीचे का न हो, निदेशक उच्च शिक्षा इसके सदस्य होंगे। परिषद में गैर सरकारी सदस्य भी होंगे। इसमें कला, विज्ञान, सिविल सोसायटी, प्रौद्योगिकी या कौशल विकास के क्षेत्र से पांच सदस्य, उद्योग से दो
विशेषज्ञ, तीन महाविद्यालयों के प्राचार्य, मानव संसाधन मंत्रालय से एक सदस्य और उच्चतर शिक्षा योजना बनाने में अनुभव रखने वाले व्यक्ति को गैर सरकारी सदस्य नियुक्ति किया जाएगा। परिषद का मुख्यालय शिमला में होगा।
पांच साल होगा अध्यक्ष का कार्यकाल
परिषद के अध्यक्ष की नियुक्ति सरकार करेगी। अध्यक्ष का कार्यकाल पांच वर्ष रहेगा। अगर अध्यक्ष का आचरण और कार्य संतोषजनक नहीं रहता है तो सरकार पांच साल से पहले भी अध्यक्ष को हटा सकती है।
छह महीने में एक बैठक करना अनिवार्य
परिषद की छह महीने में कम से कम एक बैठक होना अनिवार्य किया है। बैठक के कोरम के लिए अध्यक्ष व सदस्य सचिव के अलावा दो तिहाई सदस्यों को होना जरूरी है।
स्कूली खिलाड़ियों की डाइट मनी बढ़ाएगी सरकार
सरकार स्कूली खेलकूद प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले विद्यार्थियों की डाइट मनी बढ़ाएगी। इस पर सरकार विचार कर रही है। विधायक नरेंद्र ठाकुर और सुखराम के सवाल के लिखित जवाब में खेल मंत्री
गोविंद ठाकुर ने बताया कि पहली से पांचवीं कक्षा (अंडर-12) तक 50 रुपये, छठी से आठवीं कक्षा (अंडर-14) तक 60 रुपये, नौवीं से 12वीं (अंडर-19) तक 60 रुपये और राज्य स्तरीय प्रतियोगिता (अंडर-19) तक 75 रुपये की डाइट मनी प्रत्येक खिलाड़ी को दी जाती है।
शिक्षा विभाग में कर्मचारियों का टोटा
शिक्षा विभाग में कर्मचारियों का भारी टोटा है। दस माह में प्रारंभिक शिक्षा विभाग में 2339 शिक्षक एवं गैैर शिक्षक कर्मचारियों, जबकि उच्च शिक्षा विभाग में 1405 पद भरे गए हैं।
पच्छाद के विधायक सुरेश कुमार कश्यप के सवाल पर शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि साल 2015 में प्रारंभिक शिक्षा विभाग में 9461, 2016 में 9095 और 2017 में 10435 शिक्षक एवं गैर शिक्षक कर्मचारियों के पद खाली थे, जबकि उच्च शिक्षा विभाग में 2015 में 9247, 2016 में 10017 और 2017 में 9437 पद खाली थे।