हिमाचल प्रदेश के बजट पर किसने क्या कहा, यहां जानें
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बजट भाषण में सच्चाई को स्पष्ट शब्दों में कहा कि कोरोना ग्रस्त वित्त वर्ष 2020-21 प्रदेशवासियों का जीवन और आजीविका बचाने में ही निकल गया। प्रदेश इस त्रासदी से निकलकर फिर से विकास पथ पर लौटने के लिए प्रयासरत है। आंकड़ों से स्पष्ट है कि 50,192 करोड़ के बजट अनुमानों में प्रदेश का राजकोषीय घाटा, सकल घरेलू उत्पाद का 4.52 फीसदी आंका गया है। आर्थिक दृष्टि से तत्कालीन परिस्थितियों के मद्देनजर इसके कुशल प्रबंधन मानना उचित होगा। इस कर मुक्त बजट में निजीकरण का वर्णन नहीं है। घाटे को कुशल वित्तीय प्रबंधन और गैर टैक्स साधनों के पूरा करने का प्रयास लगता है। हालांकि बजट के आकार में पिछले साल की तुलना में कम वृद्धि की है फिर भी यथाशक्ति समाज के हर वर्ग को राहत पहुंचाने का प्रयास ईमानदारी से किया गया है। सामाजिक सुरक्षा का विस्तार, स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अधिक धन आवंटन, सड़क विस्तार से ग्रामीण अधोसंरचना को मजबूत करना, बागवानी, परिवहन, में सुधार सकारात्मक कदम है। स्वर्ण जयंती नारी संबल योजना, स्वर्ण जयंती जिला इनोवेशन फंड नए आयाम हैं। बेरोजगारी कम करने के लिए तीस हजार पदों पर भर्ती युवा वर्ग के लिए एक आशा की किरण है। आने वाले समय जयराम सरकार के लिए आर्थिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण होगा। पंद्रहवें वित्त आयोग की सिफारिशों पर केंद्र से बहुत अधिक साधनों की अपेक्षा नहीं की जा सकती, साथ आर्थिक मंदी से उबरना भी आसान नहीं होगा। कुल मिलाकर आज की परिस्थिति में वर्ष 2020-21 का जयराम सरकार का बजट सराहनीय है।-प्रो. एनके शारदा, अर्थशास्त्री, विवि के पूर्व प्रति कुलपति रहे हैं।
कोरोना काल के बाद होगा कृषि-बागवानी गतिविधियों का विस्तार
हिमाचल प्रदेश में कोरोना काल के बाद आए नए बजट से राज्य की कृषि और बागवानी गतिविधियों का विस्तार होगा। मधुमक्खी बोर्ड के गठन से कृषि और बागवानी विकास में तेजी आएगी। इसके अलावा बजट से किसानों और बागवानों की आय दोगुना होने का रास्ता प्रशस्त होगा। बजट में कृषि और बागवानी क्षेत्र के लिए बजट में प्रावधान कर किसानों और बागवानों की आय दोगुना करने की ओर कदम उठाया गया है। किसानों ने जिन फसलों को कई साल पहले छोड़ दिया था, उन्हें फिर से उगाने के लिए बजट प्रावधान किया है। इन फसलों की बाजार मांग काफी ज्यादा है। बागवानों को पांच लाख फलदार पौधे दिए जाने हैं। इसके अलावा फलों का उत्पादन भी बढ़ाने में मदद मिलेगी। बागवानों और किसानों की फसलों के लिए कोल्ड स्टोरों की जरूरत है। - डॉ. एसपी शर्मा, बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के पूर्व संयुक्त निदेशक
आय के सीमित संसाधनों के बीच हर क्षेत्र, वर्ग का रखा ख्याल
प्रदेश सरकार के बजट में आय के सीमित संसाधनों के बीच हर क्षेत्र और समाज के हर वर्ग को कुछ न कुछ देने का प्रयास किया गया है। प्रदेश सरकार का यह वार्षिक बजट मौजूदा हालात और उपलब्ध संसाधनों को देखते हुए संतुलित कहा जा सकता है। शिक्षा के क्षेत्र में 8,024 करोड़ का प्रावधान रखा गया है, जिससे शिक्षा में गुणात्मक सुधार, ढांचागत सुधार का प्रयास है। प्रदेश के 50 साल पूरे होने पर प्रदेश के सौ स्कूलों, नौ महाविद्यालयों, 68 वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की बात कही गई है। वहीं सरकार ने विभिन्न विभागों और निजी क्षेत्र में तीस हजार रोजगार के अवसर सृजित करने और कौशल विकास को बढ़ावा देने को भी अलग से प्रावधान किया है। कोविड संकट को देखते हुए प्रदेश भर के स्वास्थ्य संस्थानों की सेवाओं को और बेहतर करने के लिए भी बजट में प्रावधान कर प्रयास करने की बात की गई है, यह स्वागत योग्य है। सरकार ने बुजुर्ग महिलाओं की पेंशन के लिए आयु सीमा घटाने, एससी, एसटी, बीपीएल परिवारों की बेटियों के लिए अलग से अनुदान का प्रावधान करने सहित कई सामाजिक कल्याण की योनाओं को भी अलग से बजट बढ़ाया गया है। विधायक निधि में भी वृद्धि करने की घोषणा की है, जिससे समूचे प्रदेश में विकास को गति मिल सकती है। बजट में कृषि, बागवानी के साथ प्राकृतिक खेती के क्षेत्र को बढ़ाने, पर्यटन विकास के लिए अलग से बजट प्रावधान किए गए हैं। बढ़ती महंगाई के इस दौर में राहत देने को भी कई कदम उठाए है, जिनमें न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी, मिड डे मील वर्कर, आउटसोर्स कर्मियों सहित समाज के कई जरूरतमंद वर्ग की आय में बढ़ोतरी करने को बजट प्रावधान किया है। - डॉ. राम लाल शर्मा, अर्थशास्त्री, शिक्षक सेंटर ऑफ एक्सिलेंस संजौली कॉलेज
धूमल बोले-सर्वस्पर्शी बजट, जयराम को बधाई
कोरोना में आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद प्रदेश सरकार ने संतुलित बजट प्रस्तुत किया है। यह बात पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने कही। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में बढ़िया बजट प्रदेश सरकार ने प्रस्तुत किया है। धूमल ने शानदार बजट पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को बधाई दी। कहा कि एक सर्वव्यापी, सर्वस्पर्शी, सर्वग्राही बजट प्रस्तुत किया गया है, जिसमें किसान, बागवान, पुष्प उत्पादक, पशुपालक, विद्यार्थी, कर्मचारी इत्यादि प्रत्येक वर्ग के हितों का ध्यान रखा गया है। समाज के प्रत्येक वर्ग को लाभ पहुंचाने का प्रयास इस बजट में किया गया है।
बजट लोगों की आशा के विपरीत : वीरभद्र
पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने प्रदेश सरकार के बजट को लोगों की आशा के विपरीत बताते हुए कहा है कि घाटे से उबरने के लिए कुछ नहीं है। महज आंकड़ों को दर्शाकर केंद्र सरकार की योजनाओं को प्रदेश के बजट में शामिल कर लोगों को लुभाने का असफल प्रयास किया है। उन्होंने इसे दिशाहीन बताया है। बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई से निपटने के कोई भी कारगर उपाय नहीं हैं। आम लोगों को भी कोई राहत नहीं है।
आंकड़ों का मायाजाल है भाजपा का बजट : राठौर
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि भाजपा की ओर से पेश किया गया बजट पूरी तरह से आंकड़ों का मायाजाल है। उन्होंने कहा कि जब भाजपा को पता नहीं कि प्रदेश में कितने युवकों का रोजगार कोरोना काल में छूटा है। ऐसे में वह किस हिसाब से युवाओं के लिए बजट बना रही है। बजट में कुछ भी खास नहीं है।
बजट नीरस, किसानों और बेरोजगारों की नहीं कोई राहत: सुक्खू
शिमला। विधायक और कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भाजपा सरकार के बजट को नीरस बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने लाखों बेरोजगारों, किसानों और कर्मचारियों की बजट में अनदेखी की है। किसानों और बेरोजगारों को लेकर कोई राहत नहीं है। उन्होंने सरकार से पूछा है कि 12 लाख बेरोजगारों को रोजगार कैसे मिलेगा? बजट में इसका कोई जिक्र नहीं है।
प्रदेश के बजट से हर वर्ग हुआ निराश: मुकेश
नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश के वर्ष 2021-2022 के वार्षिक बजट से प्रदेश का हर वर्ग निराश हुआ है। केंद्र सरकार की योजनाओं को बजट में शामिल किया गया है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राज्यपाल ने अपना अभिभाषण चंद मिनट में खत्म कर दिया था और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को बजट पढ़ने में तीन घंटे लग गए। जबकि बजट में किसानों, बागवानों, युवाओं और बेरोजगारों की उपेक्षा की गई है। बजट पूरी तरह से दिशाहीन है।
बजट खटारा गाड़ी जैसा, हादसों की संभावना बढ़ी : सिंघा
माकपा विधायक राकेश सिंघा ने कहा है कि प्रदेश सरकार का बजट खटारा गाड़ी की तरह है। सरकार ने बजट रूपी ऐसी खटारा गाड़ी को पेंट कर दिया है जिसमें ना तो ब्रेक है और ना ही एक्सीलेटर। अब ऐसी गाड़ी को चलाया जाएगा तो हादसे की संभावना बढ़ेगी। सिंघा ने कहा कि असली हालत आर्थिक सर्वेक्षण में दिखाई गई है। सरकार को रणनीति बदलने की जरूरत है। आय बढ़ाने के लिए कोई बात नहीं की गई है। किसी भी वर्ग को राहत नहीं दी गई है। आने वाले समय में परिस्थितियां कठिन हो जाएंगी।
बीबीएनआईए ने बताया संतुलित और दूरदर्शी बजट
बद्दी, बरोटीवाला, नालागढ़ उद्योग संघ (बीबीएनआईए) ने प्रदेश सरकार के बजट को संतुलित, प्रगतिशील और दूरदर्शी बताया है। संघ का मानना है कि सरकार को बजट से पहले जो सुझाव दिए थे, सरकार ने उन मांगों को पूरा किया है। इससे औद्योगिक क्षेत्र के विकास को पंख लगेंगे। संघ के अध्यक्ष संजय खुराना ने कहा कि प्लास्टिक की ईंट और टाइलें बनाने का फैसला स्वागत योग्य है। फूड इकाइयों को संगठित क्षेत्र में लाने, खिलौना और हथकरघा उद्योग के लिए क्लस्टर बनाने की भी प्रशंसा की।