हिमाचल में राहुल गांधी को मिली क्लीन चिट!
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जिला निर्वाचन अधिकारी/ उपायुक्त बिलासपुर और सोलन ने राहुल गांधी को एक तरह से क्लीन चिट दे दिया है।
दोनों ही उपायुक्तों की ओर से मुख्य निर्वाचन अधिकारी को जो सीडी भेजी गई, उसमें कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने न तो 22 हजार लोगों के कत्लेआम कोई बात कही है और न ही उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल को भ्रष्टाचार का चैम्पियन कहा गया रिकार्ड किया गया है।
इसकी पुष्टि मुख्य निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र चौहान ने की है। चौहान ने भाजपा और मीडिया से अपील की है कि अगर किसी के पास विवादास्पद बयान की सीडी है तो वे उन्हें उपलब्ध करा सकता है।
चुनाव आयोग ने देखी रैली की सीडी
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि बिलासपुर और सोलन रैली की सीडी रविवार को उन्हें प्राप्त हुई है। उपायुक्त की ओर से जो सीडी भेजी गई। उसे उन्होंने खुद चार बार देखी।
इसके अलावा निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी सीडी को कई बार बारीकी से देखा। सरकारी सीडी में कहीं भी कोई विवादास्पद बयान नजर नहीं आया। चौहान ने कहा कि ऐसी स्थिति में निर्वाचन के लिए किसी प्रकार की कार्रवाई कर पाना संभव नहीं है।
वैसे दोनों ही जिलों के डीसी से फिर से सीडी मंगाई गई है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे किसी चैनल से सीडी प्राप्त करक उपलब्ध कराए। वैसे भी अगर किसी मीडिया या भाजपा के पास सीडी है तो वे उन्हें वह सीडी उपलब्ध करा दें। ताकि उस आधार पर कार्रवाई शुरू की जा सके।
राहुल पर लगा था गलत बयानबाजी का आरोप
भाजपा का आरोप है कि हिमाचल प्रदेश की रैली में राहुल गांधी ने कहा था कि अगर मोदी प्रधानमंत्री बने तो 22 हजार लोगों का कत्लेआम हो जाएगा।
इसके अलावा राहुल ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल को भ्रष्टाचार का चैम्पियन कहा था। गांधी ने आरोप लगाया था कि धूमल ने अपने बेटे को क्रिकेट खेलने के लिए एक रुपये की दर से सरकारी जमीन दे दी है।
इसके बाद भाजपा ने इसकी दिल्ली जाकर चुनाव आयोग में शिकायत कर दी थी। मगर फिलहाल राहुल गांधी को इस मामले में बड़ी राहत मिलती दिखाई दे रही है।