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इस बार कांग्रेस को मिलकर घेरेगी भाजपा और माकपा
ब्यूरो/ अमर उजाला,शिमला
Updated Sun, 26 Oct 2014 12:27 PM IST
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एचपीयू में ईसी कोर्ट चुनाव 15 नवंबर को हो सकते हैं। चुनावों की आहट के साथ ही एचपीयू में गुटबंदी शुरू हो गई है। विवि में सक्रिय कर्मचारियों की विचारधारा के अनुरूप बने गुटों में दोनों पदों के लिए उम्मीदवार उतारने को मंथन शुरू हो चुका है।
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एक ओर जहां इन चुनाव में प्रदेश में सत्तासीन सरकार के बूते दोनों पदों पर जीत दर्ज करने को लेकर आश्वस्त कांग्रेस समर्थित कर्मचारी गुट आश्वस्त है, वहीं दूसरी और भाजपा और वामपंथ समर्थक कर्मचारी गुट भी अपने स्तर पर उम्मीदवार उतारने के साथ मौजूदा हालात को देख मिलकर कांग्रेस समर्थकों को इन चुनाव में टक्कर देने पर भी सहमति बनाने के मूड में है।
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दोनों गुटों की बातचीत प्रारंभिक चरण में है। चुनाव में विश्वविद्यालय के चतुर्थ श्रेणी से लेकर अधिकारी संघ तक के करीब साढ़े आठ सौ के करीब कर्मचारी अपने मत का प्रयोग कर नुमाइंदे चुनेंगे।
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विवि कर्मचारियों के भाजपा समर्थक गुट में पूर्व में ईसी और कोर्ट सदस्य रह चुके देवी राम वर्मा, डा. महेंद्र परमार, दीन दयाल शर्मा जैसे नाम चरचा में है। इधर, चुनावी आहट के साथ ही एचपीयू में सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं। प्रत्याशियों को लेकर सूचियां बनना शुरू हो चुकी हैं।
माकपा समर्थक भी ईसी और कोर्ट सदस्य चुनाव के लिए तैयारियां कर रहे हैं। इनमें नॉट टीचिंग के पूर्व महासचिव नरेश कुमार शर्मा और पूर्व में कोर्ट सदस्य रह चुकी बिरमा चौहान, फिर से इन दो पंदों के लिए उम्मीदवारी जताने की तैयारी में है। इसके अलावा ललित चौहान का नाम पर चरचा में है।
दो पदों के चुनाव के लिए कांग्रेस की ओर से चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों की सूची लंबी है। इनमें वर्तमान में जेसीसी चेयरमैन और गैर शिक्षक संघ अध्यक्ष डा. हितेश्वर ठाकुर, पूर्व में कोर्ट सदस्य रहे तेज राम शर्मा, नागेंद्र गुप्ता, पीपी नेगी के अलावा सुदर्शना भंडारी और राज कुमारी ठाकुर के नाम भी शामिल हैं।
ईसी के चार बार और विवि कोर्ट के तीन बार सदस्य और गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के एक बार अध्यक्ष, दो बार महासचिव रह चुके विवि कर्मचारी राजनीति के पितामह चौधरी वरयाम सिंह बैंस इस बार ईसी तथा कोर्ट सदस्य के चुनावी मैदान नहीं होंगे। तीस नंवबर को उनकी सेवानिवृत्ति होने के कारण वे उम्मीदवारी नहीं जता रहे हैं।