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Himachal: शिमला सहित प्रदेश के कई जिलों में भूकंप के झटके, जानें कहां था केंद्र

Tue, 03 Oct 2023 05:21 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 03 Oct 2023 05:21 PM IST
सार

Earthquake in Shimla: शिमला सहित प्रदेश के अन्य जिलों में मंगलवार दोपहर बाद भूकंप के झटके महसूस किए गए। 

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Earthquake tremors in Shimla and other districts of the state, know where the center was
भूकंप - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अन्य जिलों में मंगलवार दोपहर भूकंप के झटके महसूस किए गए। हालांकि, भूकंप का केंद्र नेपाल में जमीन के अंदर पांच किलोमीटर की गहराई पर था, लेकिन इसके हल्के झटके प्रदेश के कई भागों में भी महसूस किए गए। हालांकि, भूकंप से किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6.2 आंकी गई है। भूकंप करीब 2:51 बजे दर्ज किया गया। इससे पहले नेपाल में दोपहर 2.25 मिनट पर भी भूकंप का झटका महसूस किया गया था, इसकी तीव्रता 4.6 मापी गई थी।

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1905 के भूकंप में 20 हजार से ज्यादा गईं थीं जानें
बता दें हिमाचल भूकंप की दृष्टि से सिस्मिक जोन चार और पांच में आता है। कांगड़ा, चंबा, लाहौल, कुल्लू और मंडी भूकंप की दृष्टि से सबसे अति संवेदनशील क्षेत्र हैं। कांगड़ा में 4 अप्रैल, 1905 की अल सुबह आए 7.8 की तीव्रता वाले भूकंप में 20 हजार से ज्यादा इंसानी जानें चली गई थीं। भूकंप से एक लाख के करीब इमारतें तहस-नहस हो गई थीं, जबकि 53 हजार से ज्यादा मवेशी भी भूकंप की भेंट चढ़ गए थे।
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कैसे आता है भूकंप?
भूकंप के आने की मुख्य वजह धरती के अंदर प्लेटों का टकरना है। धरती के भीतर सात प्लेट्स होती हैं जो लगातार घूमती रहती हैं। जब ये प्लेटें किसी जगह पर आपस में टकराती हैं, तो वहां फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है और सतह के कोने मुड़ जाते हैं। सतह के कोने मुड़ने की वजह से वहां दबाव बनता है और प्लेट्स टूटने लगती हैं। इन प्लेट्स के टूटने से अंदर की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है, जिसकी वजह से धरती हिलती है और हम इसे भूकंप मानते हैं।

भूकंप की तीव्रता
  • रिक्टर स्केल पर 2.0 से कम तीव्रता वाले भूकंप को माइक्रो कैटेगरी में रखा जाता है और यह भूकंप महसूस नहीं किए जाते। रिक्टर स्केल पर माइक्रो कैटेगरी के 8,000 भूकंप दुनियाभर में रोजाना दर्ज किए जाते हैं।
  • इसी तरह 2.0 से 2.9 तीव्रता वाले भूकंप को माइनर कैटेगरी में रखा जाता है। ऐसे 1,000 भूकंप प्रतिदिन आते हैं इसे भी सामान्य तौर पर हम महसूस नहीं करते।
  • वेरी लाइट कैटेगरी के भूकंप 3.0 से 3.9 तीव्रता वाले होते हैं, जो एक साल में 49,000 बार दर्ज किए जाते हैं। इन्हें महसूस तो किया जाता है लेकिन शायद ही इनसे कोई नुकसान पहुंचता है।
  • लाइट कैटेगरी के भूकंप 4.0 से 4.9 तीव्रता वाले होते हैं जो पूरी दुनिया में एक साल में करीब 6,200 बार रिक्टर स्केल पर दर्ज किए जाते हैं। इन झटकों को महसूस किया जाता है और इनसे घर के सामान हिलते नजर आते हैं। हालांकि इनसे न के बराबर ही नुकसान होता है।

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