{"_id":"66423dabdff82e78bb010852","slug":"due-to-traffic-jam-in-shimla-many-students-could-not-appear-for-phd-entrance-exam-2024-05-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"PhD Entrance Exam: 'शिमला में जाम के कारण कई छात्र नहीं दे पाए पीएचडी की प्रवेश परीक्षा'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
PhD Entrance Exam: 'शिमला में जाम के कारण कई छात्र नहीं दे पाए पीएचडी की प्रवेश परीक्षा'
Mon, 13 May 2024 09:50 PM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Mon, 13 May 2024 09:50 PM IST
सार
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में सोमवार को हुई पीएचडी की प्रवेश परीक्षा में कई छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर में लगे कई किलोमीटर जाम से ठप हुई ट्रैफिक व्यवस्था को इसका मुख्य वजह बताया जा रहा है।
विज्ञापन
एचपीयू शिमला
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में सोमवार को हुई पीएचडी की प्रवेश परीक्षा में कई छात्र बैठ नहीं पाए। शहर में लगे कई किलोमीटर जाम से ठप हुई ट्रैफिक व्यवस्था को इसका मुख्य वजह बताया जा रहा है। सुबह नौ बजे वाले सत्र में छात्र कई किलोमीटर पैदल चलकर देरी से विवि पहुंचे। इस कारण वे परीक्षा देने से वंचित रहे। सुबह से लगे जाम के कारण छात्रों के हाथ से पीएचडी की प्रवेश परीक्षा देने का मौका जाता रहा।
विज्ञापन
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की विवि इकाई के अध्यक्ष गौरव कुमार ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा पीएचडी के सोमवार को हुई प्रवेश परीक्षाओं में कई के हिसाब से छात्र अपीयर ही नहीं हो पाए। जाम के कारण वे परिसर में मनाए गए परीक्षा केंद्रों में नहीं पहुंच पाए, जिससे उनका परीक्षा देने का मौका हाथ से जाता रहा। उन्होंने कहा कि एबीवीपी पहले ही पीएचडी की प्रवेश परीक्षा को लोक सभा चुनाव के बाद करवाने की मांग करती आ रही है, मगर विवि प्रशासन ने मांग को अनसुना किया। इससे कई विद्यार्थी शिमला में रखी गई, चुनावी रैली के कारण बड़े वाहनों और सोमवार को रहे लंबे ट्रैफिक जाम से परीक्षा केंद्र में परीक्षा देने को नहीं पहुंच पाए।
विज्ञापन
उनका कहना है कि पीएचडी प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले करीब 1800 विद्यार्थियों में से करीब 600 विद्यार्थी परीक्षा में अपीयर नहीं हुए। बहुत से छात्र ऐसे थे, जो जाम के कारण देरी से परीक्षा केंद्र पहुंचे, जिससे वे परीक्षा नहीं दे पाए। उन्होंने विवि प्रशासन से पीएचडी की प्रवेश परीक्षा को दोबारा से आयोजित करवाए जाने की मांग उठाई है। विजुअल आर्ट्स, केमिस्ट्री, मैनेजमेंट, विधि, सीएस, बायोटेक,मैथमेटिक्स,फिजिक्स,संकृत, जूलॉजी, सोशल वर्क, पत्रकारिता एवं जनसंचार विभागों के पीएचडी के एंट्रेंस टेस्ट हो चुके हैं। इसमें 600 से अधिक छात्र परीक्षा देने से वंचित रहे हैं। विवि के जारी किए गए पीएचडी प्रवेश परीक्षा के हाजिरी रिकार्ड के मुताबिक 1805 आवेदनकर्ताओं में से सिर्फ 1298 ही पीएचडी प्रवेश परीक्षा में अपीयर हुए हैं। इससे हो सकता है कि शहर में लगे तीन से चार घंटे के जाम के कारण भी खई छात्र छात्राएं परीक्षा देने से वंचित रहे।
विज्ञापन
नहीं मिली शिकायत : डीएस
विवि के अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. बीके शिवराम ने बताया कि पीएचडी की सोमवार को हुई परीक्षा से कोई छात्र परीक्षा केंद्र में देरी से पहुंचा हो, उनके पास ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है। केंद्रों में देरी से आए कुछ छात्रों को भी परीक्षा में बैठने की अनुमति दी गई है। परीक्षा देने से वंचित रहने वाले विद्यार्थियों की ओर से लिखित में ऐसी कोई शिकायत आती है, तो उस पर गौर कर कोई समाधान निकालने पर विचार किया जा सकता है।