बड़े शहरों में अब ड्रोन की मदद से नियंत्रित किया जाएगा ट्रैफिक
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कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हिमाचल पुलिस अब ड्रोन की मदद लेगी। सरकार ने ट्रायल के लिए पुलिस को कुछ ड्रोन खरीदने की मंजूरी दे दी है। ड्रोन का यातायात नियंत्रण और धरने-प्रदर्शनों पर नजर रखने के लिए इस्तेमाल होगा। इसके अलावा भांग-अफीम की खेती जहां होती है, वहां ड्रोन की मदद से वीडियो बनाए जाएंगे और फोटो भी खींचे जाएंगे।
बीते 17 सितंबर को राज्य सचिवालय में हुए एसपी और डीसी के सम्मेलन में भी इस मांग को प्रमुखता से उठाया गया था। इसमें जहां प्रमुख स्थानों पर यातायात नियंत्रण के लिए सीसीटीवी कैमरे खरीदने की मंजूरी मांगी गई, वहीं पुलिस के कामकाज में भी मदद के लिए ड्रोन की जरूरत बताई थी।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हाल ही में जयपुर जाकर वहां सीसीटीवी कैमरों से यातायात नियंत्रण की प्रणाली देख चुके हैं। इसके बाद उन्होंने पुलिस विभाग को सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन खरीदने की अनुमति दे दी है।
ऐसे काम करता है ड्रोन
पुलिस महानिदेशक एसआर मरडी ने कहा है कि सरकार की मंजूरी मिलने के बाद फि लहाल कुछ ड्रोन खरीदे जा रहे हैं। इनका प्रयोग सफल रहा तो और भी खरीदे जाएंगे। ये यातायात को व्यवस्थित करने के अलावा प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए इस्तेमाल हो सकते हैं। इनका भांग और अफीम की खेती पर नजर रखने के लिए भी इस्तेमाल हो सकता है।
ड्रोन एक ऐसा उपकरण है, जिसे रिमोट से पक्षी की तरह आसमान में उड़ाया जाता है। खूब ऊंचाई तक उड़ाकर इससे फोटो खींचे जा सकते हैं और वीडियो भी बनाए जा सकते हैं। इसमें लगा कैमरा रिमोट से किसी भी दिशा में घुमाया जा सकता है।