Water Scheme Dispute: हिंसा पर सीएम ने तलब की रिपोर्ट, जनप्रतिनिधि बोले- बात करने गए लोगों पर बरसाईं लाठियां
सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि अभी इस मामले में वह रिपोर्ट मंगवाएंगे। उसके बाद ही इस पर कोई टिप्पणी करेंगे।
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सोलन और बिलासपुर की सीमा पर अर्की विधानसभा क्षेत्र में अली खड्ड पर बन रही कीकर-नवगांव पेयजल योजना को लेकर हुई हिंसा की मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने रिपोर्ट तलब की है। सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि अभी इस मामले में वह रिपोर्ट मंगवाएंगे। उसके बाद ही इस पर कोई टिप्पणी करेंगे। वहीं, दिल्ली कूच कर रहे किसानों की शंभू-जींद बॉर्डर पर पुलिस और सुरक्षाकर्मियों से हुए टकराव पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वहां पर क्या स्थिति है। इस संदर्भ में वह कुछ नहीं कहना चाहते हैं। वह तो यही कहेंगे कि किसानों पर किसी भी प्रकार का अत्याचार नहीं होना चाहिए।
वहीं, बिलासपुर-सोलन की सीमा पर पेयजल योजना के विरोध में हुई हिंसक झड़प के लिए जनप्रतिनिधियों और संतों ने अर्की प्रशासन और पुलिस को जिम्मेवार ठहराया है। उन्होंने आरोप लगाए हैं कि मंगलवार को हुई महापंचायत के दौरान भी योजना का चोरी छिपे निर्माण कार्य किया जा रहा था। जब विधायक रणधीर शर्मा और जनप्रतिनिधि अर्की प्रशासन से बात करने गए तो वहां मौजूद दाड़लाघाट पुलिस ने धक्कामुक्की शुरू कर लाठियां चलाना शुरू कर दीं। इससे लोग गुस्सा हो गए।
जिला परिषद अध्यक्ष प्रेम सिंह ठाकुर, सिकरोआ पंचायत के प्रधान भूप सिंह, संत धीरज भारती, संत रामेश्वर गिरी ने कहा कि जब सरकार के पास यह बात पहुंच चुकी थी कि लोग इस योजना का इतने दिनों से विरोध कर रहे हैं। तो सरकार को कदम उठाना चाहिए था। अर्की प्रशासन को निर्माण कार्य बंद रखने के आदेश देने चाहिए थे, लेकिन निर्माण कार्य जारी रहा। जब विधायक और स्थानीय जन प्रतिनिधि काम बंद करने के लिए अर्की प्रशासन से बात करने के लिए जाने लगे तो पुलिस ने उन्हें बलपूर्वक रोका। इससे वहां मौजूद लोग आक्रोशित हो गए। त्रिवेणीघाट में बड़र खड्ड, अली खड्ड और पंजैणी खड्ड मिलती है। यहां दर्जनों पंचायतों का श्मशान घाट भी है।
इस जगह पर एक घाट बनाकर इसे प्रयागराज की तरह बनाया जा सकता है लेकिन भारी भरकम पेयजल योजना बना इस क्षेत्र को सूखाग्रस्त करने की तैयारी हो रही है। योजना का काम साल 2020 में भी शुरू हुआ था। तब भी लोगों ने इसका विरोध किया था, जिसको देखते हुए तत्कालीन सरकार ने काम बंद करने के निर्देश दिए थे। अब इसे सोलन और बिलासपुर की लड़ाई बनाया जा रहा है। इस योजना से जिन पंचायतों को पानी देने की बाद कही जा रही है। वह कोलडैम के आसपास हैं। इस पंचायतों को कोलडैम से पानी दिया जाना चाहिए। ताकि खड्ड भी नहीं सूखे और सोलन की पंचायतों के लोगों भी भरपूर पानी मिले।