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शहर में चोरी हो रहे पेयजल मीटर, लोग परेशान
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शिमला। शहर के कई इलाकों से पानी के मीटर चोरी हो गए हैं। कसुम्पटी वार्ड के परिमहल और जीवणू कॉलोनी एरिया में डेढ़ दर्जन से अधिक पेयजल मीटर चोरी होने की सूचना है। इसके बारे में स्थानीय लोगों ने शनिवार को स्थानीय पार्षद राकेश चौहान को शिकायत दी।
पार्षद ने कसुम्पटी चौकी में मामले की शिकायत दी और इस एरिया में रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग की। पार्षद के अनुसार कई लोगों ने पेयजल कंपनी को भी मीटर चोरी होने की शिकायत दे दी है। मीटर चोरी होने के बाद अब लोगों को खुद अपने पैसों से नए मीटर लगाने पड़ रहे हैं। नया मीटर बाजार में डेढ़ से दो हजार रुपये तक मिल रहा है। शहर में पानी के 35 हजार से अधिक उपभोक्ता हैं। ज्यादातर लोगों के पानी के मीटर घरों के बाहर दीवार या गेट पर लगे हैं।
अंदेशा जताया जा रहा है कि इन मीटरों में लगे पीतल के कारण इनकी चोरी की जा रही है। हालांकि पेयजल लाइन से मीटर खोलना आसान नहीं है, ऐसे में किसी शातिर गिरोह का हाथ होने का अंदेशा है। जो मीटर चोरी हुए हैं, वे घर के बाहर लगे थे। पेयजल कंपनी के प्रबंधक सुशील कुमार ने कहा कि उनके पास भी मीटर चोरी होने की शिकायत आई है। शिकायत के बाद मौके पर नया मीटर लगाने के लिए कीमैन को कहा गया था। कहा कि मीटर का ध्यान रखना भवन मालिकों की जिम्मेदारी है। लोगों से अपील की गई है कि मीटर घरों के अंदर सुरक्षित जगहों पर लगाएं।
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शहर में बेतरतीब लगे हैं पानी के मीटर
शहर में बिजली मीटर जहां लोगों के दरवाजों या मुख्य द्वार पर लगे हैं तो पानी के मीटर घर से बाहर दूर सीढ़ियों और रास्तों के पास लगाए गए हैं। कोर एरिया में तो मीटर रास्तों के किनारे लगे हैं, जबकि इसका पानी कई मीटर दूर घरों को जा रहा है। ऐसे में बाहर लगे मीटर सुरक्षित नहीं हैं। कंपनी भी मानती है कि लोगों को बिजली मीटर की तरह पानी के मीटर भी ऐसी जगह लगाने चाहिए, जहां ये सुरक्षित रहें और रीडिंग लेने में भी आसानी हो। बाकायदा मीटर शिफ्ट करने की योजना भी चलाई जानी थी, लेकिन एजीएम की रिटायरमेंट के साथ ही यह योजना ठंडे बस्ते में चली गई।
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पार्षद ने कसुम्पटी चौकी में मामले की शिकायत दी और इस एरिया में रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग की। पार्षद के अनुसार कई लोगों ने पेयजल कंपनी को भी मीटर चोरी होने की शिकायत दे दी है। मीटर चोरी होने के बाद अब लोगों को खुद अपने पैसों से नए मीटर लगाने पड़ रहे हैं। नया मीटर बाजार में डेढ़ से दो हजार रुपये तक मिल रहा है। शहर में पानी के 35 हजार से अधिक उपभोक्ता हैं। ज्यादातर लोगों के पानी के मीटर घरों के बाहर दीवार या गेट पर लगे हैं।
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अंदेशा जताया जा रहा है कि इन मीटरों में लगे पीतल के कारण इनकी चोरी की जा रही है। हालांकि पेयजल लाइन से मीटर खोलना आसान नहीं है, ऐसे में किसी शातिर गिरोह का हाथ होने का अंदेशा है। जो मीटर चोरी हुए हैं, वे घर के बाहर लगे थे। पेयजल कंपनी के प्रबंधक सुशील कुमार ने कहा कि उनके पास भी मीटर चोरी होने की शिकायत आई है। शिकायत के बाद मौके पर नया मीटर लगाने के लिए कीमैन को कहा गया था। कहा कि मीटर का ध्यान रखना भवन मालिकों की जिम्मेदारी है। लोगों से अपील की गई है कि मीटर घरों के अंदर सुरक्षित जगहों पर लगाएं।
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शहर में बेतरतीब लगे हैं पानी के मीटर
शहर में बिजली मीटर जहां लोगों के दरवाजों या मुख्य द्वार पर लगे हैं तो पानी के मीटर घर से बाहर दूर सीढ़ियों और रास्तों के पास लगाए गए हैं। कोर एरिया में तो मीटर रास्तों के किनारे लगे हैं, जबकि इसका पानी कई मीटर दूर घरों को जा रहा है। ऐसे में बाहर लगे मीटर सुरक्षित नहीं हैं। कंपनी भी मानती है कि लोगों को बिजली मीटर की तरह पानी के मीटर भी ऐसी जगह लगाने चाहिए, जहां ये सुरक्षित रहें और रीडिंग लेने में भी आसानी हो। बाकायदा मीटर शिफ्ट करने की योजना भी चलाई जानी थी, लेकिन एजीएम की रिटायरमेंट के साथ ही यह योजना ठंडे बस्ते में चली गई।