Himachal: फ्रांस की कंपनी के सहयोग से पांच शहरों में पेयजल और स्वच्छता सेवाओं में होगा सुधार
पांच शहरों में फ्रांस की कंपनी के सहयोग से पेयजल और स्वच्छता सेवाओं में सुधार किया जाएगा। मंगलवार को इस बाबत विधानसभा परिसर में प्रदेश सरकार ने एजेंस फ्रैंकेंज डी डेवलपमेंट (एएफडी) के साथ 817.12 करोड़ का समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के पांच शहरों में फ्रांस की कंपनी के सहयोग से पेयजल और स्वच्छता सेवाओं में सुधार किया जाएगा। मंगलवार को इस बाबत विधानसभा परिसर में प्रदेश सरकार ने एजेंस फ्रैंकेंज डी डेवलपमेंट (एएफडी) के साथ 817.12 करोड़ का समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया। इसके तहत मनाली, बिलासपुर, पालमपुर, नाहन और करसोग में बेहतर मल निकासी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। मनाली और पालमपुर की पेयजल आपूर्ति में सुधार किया जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की उपस्थिति में प्रदेश सरकार की ओर से जल शक्ति विभाग के सचिव अमिताभ अवस्थी और एएफडी की ओर से कंट्री निदेशक ब्रूनो बोस्ले ने समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के तहत 612 करोड़ रुपये एएफडी की ओर से प्रदान किए जाएंगे, जबकि राज्य सरकार 204.85 करोड़ रुपये व्यय करेगी।
हाउस सर्विस कनेक्शन उपलब्ध करवाए जाएंगे
परियोजना के तहत इन पांच शहरों के लाभार्थियों को हाउस सर्विस कनेक्शन उपलब्ध करवाए जाएंगे। मल निकासी संयंत्रों को अत्याधुनिक तकनीकों के साथ डिजाइन किया जाएगा, ताकि कृषि और औद्योगिक उद्देश्यों के लिए अपशिष्ट का दोबारा उपयोग किया जा सके। परियोजना का उद्देश्य जलस्रोतों की पर्यावरणीय स्थिति में सुधार करना, जलजनित रोगों को कम करना, स्थानीय नियमों और अंतर राष्ट्रीय सर्वोत्तम परंपराओं के अनुसार गुणवत्तापूर्ण स्वच्छता सुविधाओं का प्रबंधन करना और पेयजल और स्वच्छता क्षेत्र में वित्तीय स्थिरता लाना है।
परियोजना दो चरणों में लागू की जाएगी
सुक्खू ने कहा कि यह परियोजना दो चरणों में लागू की जाएगी। पहले चरण में 425.85 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसमें से एएफडी की ओर से 340 करोड़ रुपये का वित्त पोषण किया जाएगा। दूसरे चरण में 371 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसमें से 272 करोड़ रुपये एएफडी की ओर से प्रदान किए जाएंगे। परियोजना की कार्यान्वयन अवधि तीन वर्ष होगी और चरण-1 के शुरू होने के 18 महीने बाद चरण-2 शुरू होगा। इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर, आशीष बुटेल, विधायक अजय सोलंकी, भुवनेश्वर गौड़, एएफडी के प्रतिनिधि अंकित तुलस्यान और अक्षिता शर्मा भी मौजूद रहे।