15 अक्तूबर तक मांगे नहीं मानी तो होगा आंदोलन, संघ ने दी चेतावनी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल प्रदेश डीपीई संघ ने चेतावनी दी है कि अगर शिक्षा निदेशक 15 अक्तूबर तक मांगे पूरी नहीं हुई तो शिक्षक आंदोलन को बाध्य होंगे। संघ ने यह फैसला एक बैठक के दौरान लिया है। संघ की मांग है कि पीजीटी फिजिकल एजुकेशन के आरएंडपी रूल्स एनसीटीई और पंजाब की तर्ज पर बना कर सरकार को भेजे जाए।
संघ के प्रधान ललित चौहान ने कहा कि रूल्स में बदलाव के लिए शिक्षा निदेशक को मुख्यमंत्री व अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा ने भी लिखित आदेश कर रखे है लेकिन फिर भी शिक्षा विभाग ने कोई उचित कदम नहीं उठाया है। कहा कि जो रूल्स 1973 के बने है वह पीईटी से डीपीई के बने है और उसी पदोन्नति के लिए वह रूल्स लागू होंगे।
जबकि डीपीई से पीजीटी शारीरिक शिक्षा नही बन सकते। यह तब है जब डीपीई भी दूसरे पीजीटी की तरह शारीरिक शिक्षा के विषय को 2001 से पढ़ाते आ रहे है। कहा कि जब सरकार ने उन सभी डीपीई को उच्च वेतन मान दे दिया है जिन के पास शारीरिक शिक्षा मे मास्टर डिग्री है तो सिर्फ पद नाम देने में विभाग को दिक्कत क्यों है।
तीन साल पूरा करने वाले अध्यापकों को नियमित करें
हिमाचल प्रदेश अनुबंध अध्यापक संघ ने शिक्षा निदेशक उच्च और प्रारंभिक से मांग की कि जिन अनुबंध अध्यापकों का 30 सितंबर को तीन साल का सेवाकाल पूरा हो गया है उन्हें तत्काल नियमित किया जाए।
संघ के अध्यक्ष भूपेंद्र ठाकुर ने कहा कि सरकार ने नियमित करने के लिए 31 मार्च और 30 सितंबर की दो कट डेट रखी है लेकिन सरकार कर्मचारियों को नियमितीकरण का लाभ रेगुलर आदेश जारी होनी वाली आदेश की तिथि से देती है। इससे अध्यापकों को वित्तीय और वरिष्ठता का नुकसान होता है।
संघ ने कहा कि जैसे क्लर्कों के नियमितीकरण के आदेश विभाग शिक्षा की ओर से बिना विलंब से जारी किए गए वैसे ही सभी अनुबंध अध्यापकों के आदेश शिक्षा विभाग उच्च और प्रारंभिक जल्दी जारी करे।
ठाकुर ने बताया कि विभाग अध्यापकों से रेगुलर आदेश जारी करने के साथ मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र और बाकीएजुकेशन प्रमाण पत्र भी जमा करवाते हैं जिससे प्रक्रिया में विलंब होता है। उन्होंने मांग की कि इस तरह बार-बार प्रमाण पत्र जमा करवाने वाले आदेश जारी नहीं किए जाने चाहिए और नियमितीकरण से संबंधित आदेश शिक्षा विभाग जारी करे।