फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Domestic electricity may become expensive from April, proposal to increase rates by 15 percent

Himachal News: अप्रैल से महंगी हो सकती घरेलू बिजली, दरों में 15 फीसदी तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव

Thu, 25 Jan 2024 10:35 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Thu, 25 Jan 2024 10:35 AM IST
सार

घरेलू बिजली की दरों में 10 से 15 फीसदी तक बढ़ोतरी हो सकती है। बढ़ाेतरी अगले वित्त वर्ष में प्रस्तावित की गई है, जो एक अप्रैल से शुरू होने वाला है। विद्युत नियामक आयोग इस पर आने वाले दिनों में सभी पक्षों को सुनने के बाद अपना निर्णय सुनाएगा।

विज्ञापन
Domestic electricity may become expensive from April, proposal to increase rates by 15 percent
बिजली(सांकेतिक) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में अप्रैल के बाद घरेलू बिजली की दरों में 10 से 15 फीसदी तक बढ़ोतरी हो सकती है। राज्य बिजली बोर्ड की ओर से इसका प्रस्ताव तैयार कर याचिका के माध्यम से विद्युत नियामक आयोग में दायर कर दिया गया है। बढ़ाेतरी अगले वित्त वर्ष में प्रस्तावित की गई है, जो एक अप्रैल से शुरू होने वाला है। विद्युत नियामक आयोग इस पर आने वाले दिनों में सभी पक्षों को सुनने के बाद अपना निर्णय सुनाएगा। हालांकि दरों में बढ़ोतरी का फैसला मार्च के अंतिम दिन किया जाना है, लेकिन इसके लिए अभी से कसरत शुरू हो गई है। प्रदेश में बिजली बोर्ड के संचालन और राज्य के उपभोक्ताओं को बिजली की दरों के बढ़ाने से ज्यादा प्रभाव न पड़े, इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए बिजली बोर्ड की ओर से आगामी वित्तीय वर्ष के लिए नई बिजली दरों की घोषणा की जाएगी।

विज्ञापन


अमूमन हर साल 31 मार्च को राज्य विद्युत नियामक आयोग की ओर से बिजली की नई दरों की घोषणा की जाती है। इन नई दरों के हिसाब से ही अगले वित्त वर्ष बिजली की दरें घरेलू से लेकर सभी उपभोक्ताओं से वसूली जाती हैं। प्रदेश में बिजली की दरों में जो भी बढ़ोतरी की जाती है, उससे घरेलू उपभोक्ताओं और बीपीएल उपभोक्ताओं को दूर रखने के लिए अनुदान राशि दी जाती है, जो राज्य सरकार ही देती है। इस बार भी अगर अनुदान की राशि दी जाती है तो ये उपभोक्ता बिजली दरों की बढ़ोतरी से दूर रखे जाएंगे। यदि अनुदान राशि में कोई कमी की जाती है तो प्रदेश में बिजली दरों में बढ़ोतरी तय है। नियमों के तहत राज्य बिजली बोर्ड की ओर से दायर याचिका पर 120 दिन के भीतर नियामक आयोग की ओर से बिजली की नई दरों पर फैसला सुनाया जाता है।
विज्ञापन


यह होता है दरें बढ़ाने का आधार
राज्य बिजली बोर्ड की ओर से पूरे साल का खर्च व आय का आकलन करते हुए अगले साल कितनी आय की जरूरत है। इस आधार पर याचिका तैयार की जाती है, जिसे विद्युत नियामक आयोग में दायर किया जाता है। इस पर सुनवाई के बाद ही बिजली दरों में बढ़ोतरी करने या न करने का फैसला सुनाया जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed