बेटियों के मिसाल बनीं ये जुड़वा बहनें, बन रही है डॉक्यूमेंट्री
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जुनून ऐसा कि माउंट एवरेस्ट भी छोटा पड़ गया। महज 21 साल की उम्र में ही एवरेस्ट फतेह कर दुनिया के लिए मिसाल बन गई हैं जुड़वा बहनें ताशी और नुग्शी मलिक। वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने वाली हरियाणा की इन बेटियों पर इन दिनों कुल्लू में महिंद्रा कंपनी डॉक्यूमेंट्री बना रही है।
ताशी और नुग्शी साउथ पोल और नॉर्थ पोल पर स्की करने वाली दुनिया की पहली जुड़वां बहनें हैं। ये पहली दक्षिण एशियाई हैं जिन्होंने एक्सप्लोरर्स ग्रैंड स्लैम पूरा करने का खिताब अपने नाम किया है। कुल्लू में ‘अमर उजाला’ से बातचीत में ताशी और नुग्शी ने बताया कि बारहवीं की पढ़ाई पूरी करने बाद दोनों ने उत्तराखंड में पर्वतारोहण संस्थान में प्रवेश लिया।
ऐसे पूरा किया अपना सपना
यहीं पर दोनों ने एवरेस्ट को जीतने का सपना देखा। बेसिक कोर्स के बाद दोनों ने एडवांस कोर्स किया। गंगोत्री शृंखला के 19 हजार फीट ऊंचे पहाड़ पर खुद को परखा। इसके बाद कड़ी मेहनत कर एवरेस्ट पर चढ़ाई शुरू की और 19 मई 2013 को माउंट एवरेस्ट फतेह कर लिया।
दोनों को इसमें डेढ़ महीने का वक्त लगा। इस रिकॉर्ड को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड की ओर से 2015-16 में स्वीकृति मिली। ताशी एवं नुग्शी ने बताया कि उन्हें न्यूजीलैंड में अपनी पढ़ाई पूरी करनी है।
अब वे लड़कियों को पहाड़ों पर चढ़ने के लिए तैयार करेंगी। इसके लिए दोनों ने देहरादून में ‘ताशी-नुग्शी’ नाम से एक संस्था बनाई है। यह संस्था छह महीने में काम करना शुरू कर देगी।
मम्मी ने बोला- पहाड़ पर चढ़ीं तो जान दे दूंगी
ताशी और नुग्शी ने बताया कि शुरू में जब उनकी मां अंजू मलिक को उनके सपने के बारे में पता चला तो वे बुरी तरह घबरा गईं। मम्मी ने तो यहां तक कह दिया कि- पहाड़ पर चढ़ीं तो मैं अपनी जान दे दूंगी। पिता कर्नल वीरेंद्र सिंह मलिक भी घबरा गए थे। हालांकि, बाद में दोनों का पूरा सहयोग मिला।
देहरादून में रहता है अब परिवार
ताशी और नुग्शी हरियाणा के गांव अनवाली, जिला सोनीपत हरियाणा से हैं। पिता की रिटायरमेंट के बाद अब पूरा परिवार उत्तराखंड के जौहर कुतालवानी देहरादून में रहता है।