घर पर आइसोलेशन में रह रहे सभी कोरोना मरीजों की जांच करें डॉक्टर: जयराम
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि उन सभी कोरोना मरीजों की जांच की जाए, जिन्होंने घर पर आइसोलेशन में रहने का फैसला लिया है। ऐसे लोग उस समय अस्पताल जाते हैं, जब उनकी तबीयत ज्यादा खराब हो जाती है। मुख्यमंत्री सोमवार को राज्य सचिवालय से प्रदेश के उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों, मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों और वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षकों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित कर रहे थे। चिकित्सकों को कोविड-19 रोगियों के साथ संपर्क बनाए रखना चाहिए, क्योंकि इससे रोगियों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ में सहायता मिलती है। यह पाया गया है कि कोविड के कारण 90 प्रतिशत मृत्यु रोगियों को अस्पताल पहुंचाने के 24 घंटों में हो रही है।
उन्होंने कहा कि वरिष्ठ चिकित्सकों को अस्पतालों में दाखिल कोविड मरीजों से मिलना चाहिए, जिससे उनके अंदर सुरक्षा की भावना पैदा हो। उन्होंने चिकित्सकों से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए मरीजों का उपचार करने का अनुरोध किया। वरिष्ठजनों और पहले से विभिन्न प्रकार की बीमारियों से ग्रसित लोगों के उपचार पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने घर पर ही आइसोलेशन में रह रहे कोविड मरीजों की स्वास्थ्य जांच के लिए प्रभावशाली तंत्र विकसित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
त्योहारों में समुचित दूरी बनाए रखें लोग
सीएम ने कहा कि त्योहारों के मौसम को ध्यान में रखते हुए लोगों को परस्पर दूरी बनाए रखने, फेस मास्क और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करते रहना चाहिए। लोगों को अनावश्यक रूप से सामाजिक समारोहों में शामिल नहीं होने के लिए भी प्रोत्साहित करना चाहिए। इस दिशा में गैर सरकारी संगठनों और स्थानीय नेताओं की सहायता भी ली जा सकती है।
सर्दियों के मौसम में अधिक बचाव की जरूरत
मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्दियों का मौसम में लोगों को अधिक बचाव के उपाय करने की आवश्यकता है। कोविड देखभाल केंद्रों में दाखिल रोगियों को गरम पानी और पौष्टिक भोजन उपलब्ध करवाया जाना चाहिए। इन केंद्रों को भोजन गरम करने की मशीनें खरीदनी चाहिए और हीटर सहित मनोरंजन के विभिन्न साधनों की भी व्यवस्था की जानी चाहिए। एचएलएल को अस्पतालों में पर्याप्त मशीनों के साथ-साथ आउटसोर्स आधार पर स्टाफ उपलब्ध करवाने का आग्रह किया गया, जिससे टेस्टिंग सुविधा बढ़े। उन्होंने कहा कि इससे कोविड अस्पतालों और कोविड केयर केंद्रों का भार कम होगा।