बंदरों ने किया ऐसा काम काटनी पड़ी चुनी लाल की टांग
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बंदरों के उत्पात से परेशान किसानों के बारे में तो अकसर सुना होगा, लेकिन बंदरों का यही उत्पात किसी की जान का दुश्मन बन गया। यह मामला हिमाचल के चंबा जिले में सामने आया है। फसलों को उजाड़ रहे बंदरों की टोली को भगाने की कीमत एक व्यक्ति को अपनी टांग गंवाकर चुकानी पड़ी।
हुआ यूं कि चंबा जिले की बरौर पंचायत के छमेई गांव के योगराज (47) पुत्र चुनी लाल शनिवार सुबह करीब छह बजे अपने मक्की के खेतों से बंदरों की टोली को भगाने के लिए गए। वे फसल को नुकसान पहुंचा रहे उत्पाती बंदरों को भाग रहे थे कि भागते-भागते बंदरों ने चट्टान से बड़ा पत्थर खिसका दिया।
मौके पर ही शरीर से अलग हो गई टांग
यह पत्थर पहाड़ी से लुढ़ककर सीधा योगराज की टांग में लगा। इससे मौके पर ही उनकी टांग शरीर से अलग हो गई। योगराज के परिजनों ने उनके कराहने की आवाज सुनी और खेतों की ओर दौड़े। मौके पर आकर देखा तो योगराज का बुरा हाल था। वे तुरंत उन्हें उपचार के लिए क्षेत्रीय अस्पताल चंबा ले गए।
यहां उपचार देने के बाद योगराज को टांडा मेडिकल कॉलेज कांगड़ा के लिए रेफर कर दिया गया। उधर, क्षेत्रीय अस्पताल चंबा के एमएस डॉ. जीवानंद चौहान ने बताया कि प्राथमिक उपचार देने के बाद नाजुक हालत को देखते हुए पीड़ित को टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। घायल व्यक्ति की टांग को बर्फ में रखा गया है, ताकि उसे जोड़ने की कोशिश हो सके।