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आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी पीरन में चिकित्सक न फार्मासिस्ट
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उपचार के लिए जाना पड़ता है सोलन, सरकार से चिकित्सक तैनात करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
जुन्गा (शिमला)। मशोबरा ब्लॉक की पीरन पंचायत की आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी में न तो डॉक्टर है न ही फार्मासिस्ट। यहां सिर्फ एख चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तैनात है। औषधालय में कार्यरत चिकित्सक और फार्मासिस्ट को सरकार ने स्थानांतरित कर दिया है। औषधालय भवन की हालत भी दयनीय हो चुकी है। कर्मचारी असुरक्षित भवन में सेवाएं देने को मजबूर हैं। विभाग की अनदेखी के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। बरसात में सारा पानी छत से नीचे कमरे में आता है। बरसात में पानी और नमी के कारण डिस्पेंसरी का सारा सामान तथा दवाएं खराब हो जाती हैं। तीन अगस्त 1998 को पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन मुख्य संसदीय सचिव एवं कसुम्पटी के पूर्व विधायक रूपदास कश्यप ने इस आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी भवन का उद्घाटन किया था। अब स्टाफ की कमी के चलते लोगों को उपचार के लिए शिमला या सोलन जाना पड़ता है। पूर्व प्रधान दयाराम वर्मा और दौलतराम मेहता सहित पीरन के लोगों ने सरकार से मांग की है कि औषधालय में रिक्त पड़े डॉक्टर और अन्य कर्मियों के पदों को शीघ्र भरा जाए। जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. पवन कुमार जैरथ ने कहा कि पीरन डिस्पेंसरी के लिए हाल ही में एक फार्मासिस्ट के अस्थायी आदेश जारी किए हैं। इसके अतिरिक्त असुरक्षित भवन बारे उच्च अधिकारियों से पत्राचार किया जा रहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
जुन्गा (शिमला)। मशोबरा ब्लॉक की पीरन पंचायत की आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी में न तो डॉक्टर है न ही फार्मासिस्ट। यहां सिर्फ एख चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तैनात है। औषधालय में कार्यरत चिकित्सक और फार्मासिस्ट को सरकार ने स्थानांतरित कर दिया है। औषधालय भवन की हालत भी दयनीय हो चुकी है। कर्मचारी असुरक्षित भवन में सेवाएं देने को मजबूर हैं। विभाग की अनदेखी के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। बरसात में सारा पानी छत से नीचे कमरे में आता है। बरसात में पानी और नमी के कारण डिस्पेंसरी का सारा सामान तथा दवाएं खराब हो जाती हैं। तीन अगस्त 1998 को पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन मुख्य संसदीय सचिव एवं कसुम्पटी के पूर्व विधायक रूपदास कश्यप ने इस आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी भवन का उद्घाटन किया था। अब स्टाफ की कमी के चलते लोगों को उपचार के लिए शिमला या सोलन जाना पड़ता है। पूर्व प्रधान दयाराम वर्मा और दौलतराम मेहता सहित पीरन के लोगों ने सरकार से मांग की है कि औषधालय में रिक्त पड़े डॉक्टर और अन्य कर्मियों के पदों को शीघ्र भरा जाए। जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. पवन कुमार जैरथ ने कहा कि पीरन डिस्पेंसरी के लिए हाल ही में एक फार्मासिस्ट के अस्थायी आदेश जारी किए हैं। इसके अतिरिक्त असुरक्षित भवन बारे उच्च अधिकारियों से पत्राचार किया जा रहा है।