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चालान करते वक्त न सुनें किसी प्रभावी व्यक्ति का फोन: मरडी
Sat, 30 Mar 2019 08:00 PM IST
Krishan Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 30 Mar 2019 08:00 PM IST
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पुलिस महानिदेशक एसआर मरडी
- फोटो : अमर उजाला
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पुलिस महानिदेशक एसआर मरडी ने कहा कि सड़क में चालान करते समय जवान किसी भी प्रभावी व्यक्ति का फोन न सुनें। वे वही करें, जो उसे कानून अनुमति देता है। उन्होंने जवानों से कानून के दायरे में रहते हुए कार्रवाई करने की अपील की।
कहा कि एक अपराधी को कानून के तहत सजा दिलाना ही उनका पहला कर्त्तव्य होना चाहिए। सरकार ने स्नातक शैक्षणिक योग्यता रखने वाले जवानों को चालान की अनुमति दी गई है।
शनिवार को पीटीसी डरोह में 19वें आरटीसी दस्ते की पासिंग ऑउट परेड हुई। इसमें बतौर मुख्यातिथि आए पुलिस महानिदेशक मरडी ने कहा कि जब पुलिस के एक सिपाही की तौहीन होती है तो मुझे ऐसा लगता है कि मेरी तौहीन हुई है।
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जब तक जवान सेवानिवृत्त नहीं हो जाता, तब तक उसे आरटीसी कोर्स की पासिंग के समय ली गई शपथ याद रखनी चाहिए। अगर कोई प्रलोभन भी मिलता है तो उस समय भी मन में इसी शपथ को याद करना है।
महानिदेशक ने पीटीसी को राष्ट्र स्तर पर बेस्ट प्रशिक्षण संस्थान का दर्जा मिलने पर भी बधाई दी। पीटीसी की प्रधानाचार्य एसपी सौम्या सांबशिवन ने 688 जवानों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
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कहा कि एक अपराधी को कानून के तहत सजा दिलाना ही उनका पहला कर्त्तव्य होना चाहिए। सरकार ने स्नातक शैक्षणिक योग्यता रखने वाले जवानों को चालान की अनुमति दी गई है।
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शनिवार को पीटीसी डरोह में 19वें आरटीसी दस्ते की पासिंग ऑउट परेड हुई। इसमें बतौर मुख्यातिथि आए पुलिस महानिदेशक मरडी ने कहा कि जब पुलिस के एक सिपाही की तौहीन होती है तो मुझे ऐसा लगता है कि मेरी तौहीन हुई है।
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जब तक जवान सेवानिवृत्त नहीं हो जाता, तब तक उसे आरटीसी कोर्स की पासिंग के समय ली गई शपथ याद रखनी चाहिए। अगर कोई प्रलोभन भी मिलता है तो उस समय भी मन में इसी शपथ को याद करना है।
महानिदेशक ने पीटीसी को राष्ट्र स्तर पर बेस्ट प्रशिक्षण संस्थान का दर्जा मिलने पर भी बधाई दी। पीटीसी की प्रधानाचार्य एसपी सौम्या सांबशिवन ने 688 जवानों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।