धवाला के खिलाफ अपनों ने ही खोला मोर्चा, सीएम जयराम को सौंपा पत्र
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भाजपा संगठनात्मक जिला देहरा के महामंत्री अभिषेक पाधा, कुशल ठाकुर और ज्वालामुखी चंगर क्षेत्र के 18 असंतुष्ट पंचायत प्रधानों ने विधायक रमेश धवाला के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
भाजपा के असंतुष्ट पदाधिकारी और पंचायत प्रधान गुरुवार को शिमला में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से धवाला के खिलाफ मिले। दूसरी ओर, ओक ओवर में धवाला की शिकायत करते भाजपा पदाधिकारियों का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।
भाजपा के असंतुष्ट पदाधिकारियों और प्रधानों ने आरोप लगाया कि धवाला पुराने कार्यकर्ताओं की लगातार अनदेखी कर रहे हैं। उनके कार्यकाल में ज्वालामुखी और चंगर क्षेत्र का विकास रुक गया है।
प्रधानों ने सीएम को धवाला के खिलाफ एक पत्र भी सौंपा। उन्होंने कहा कि चंगर हलके की अनदेखी की जा रही है। राजकीय महाविद्यालय खुंडिया एक साल से बनकर तैयार है, बावजूद इसके प्राइमरी स्कूल व रावमापा खुंडियां के विज्ञान भवन में कक्षाएं चलाई जा रही हैं।
ढाई करोड़ का भवन बनने के बावजूद सरकारी आईटीआई भी प्राइवेट भवन में चलाया जा रहा है। चंगर क्षेत्र के लगड़ू के तली गांव में एचआरटीसी डिपो व बस अड्डा बनाने की घोषणा पर कुछ नहीं हुआ।
कहीं मैं मंत्री न बन जाऊं, इसलिए रची जा रही साजिश
भाजपा महामंत्री अभिषेक पाधा ने कहा कि धवाला ज्वालाजी की अनदेखी कर रहे हैं। ज्वालामुखी अस्पताल की हालत खराब कर दी गई है। धवाला के बेटे ने टाइलों की फैक्ट्री खोल रखी है। धवाला सभी बीडीओ पर उनके बेटे की फैक्ट्री से टाइलें खरीदने का दबाव बना रहे हैं।
योजना आयोग के उपाध्यक्ष एवं विधायक रमेश धवाला ने कहा कि कुछ लोगों ने प्रधानों को उकसाया है। यह लोग एमएलए बनने के ख्वाब देख रहे हैं। विस चुनाव में भी इन लोगों ने उन्हें हरवाने के लिए काम किया था।
अभिषेक पार्टी के कार्यकर्ता नहीं हैं। एक डिफाल्टर ठेकेदार इन लोगों को शिमला लेकर गया था। धवाला ने कहा ‘मैंने कभी भी किसी बीडीओ को अपने बेटे की फैक्ट्री से टाइल खरीदने के लिए नहीं कहा।
कांगड़ा से एक मंत्री पद खाली हुआ है। कहीं यह मंत्री पद मुझे न मिल जाए, इसी के चलते कुछ लोग मेरे खिलाफ साजिश रच रहे हैं। लेकिन, ऐसे लोग समझ लें कि मुझे किसी पद की लालसा नहीं है।’