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महिला के बाबाजी की गुफा में माथा टेकने पर बवाल
ब्यूरो/अमर उजाला, बड़सर (हमीरपुर)
Updated Mon, 09 May 2016 10:45 AM IST
सार
- प्रशासन को करना चाहिए श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान: राजेंद्र गिरी
- हमीरपुर जिले की एक महिला ने तोड़ी है सदियों से चली आ रही परंपरा
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बेटियों के साथ पवित्र गुफा में बाबा बालक नाथ के दर्शन करती महिला।
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में शनिवार शाम को हमीरपुर की एक महिला के बाबाजी की गुफा में माथा टेकने पर बवाल खड़ा हो गया है। बाबा बालक नाथ मंदिर के महंत श्रीश्रीश्री 1008 राजेंद्र गिरी ने कहा कि बाबा बालक नाथ की गुफा में महिला का प्रवेश करना प्राचीन परंपरा और श्रद्धालुओं की आस्था के विरुद्ध है।
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कहा कि जो परंपरा सदियों से चली आ रही है, उसे बनाए रखना न्यास प्रशासन का कर्त्तव्य बनता है। कहा कि इतना बड़ा पीठ है और प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि जो परंपरा चली आ रही है, उसका पालन किया जाए। महंत ने कहा कि दियोटसिद्ध मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर जब किसी महिला तथा श्रद्धालु ने कोई एतराज नहीं जताया तो प्रशासन श्रद्धालुओं को तार-तार करने पर क्यों उतारू है।
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प्रशासन को श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करना चाहिए। प्रशासन बेवजह महिलाओं के प्रवेश को लेकर इस मुद्दे को तूल दे रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। कहा कि प्रशासन ने प्राचीन परंपरा को तोड़ा है। कोर्ट को भी कोई निर्णय लेने से पहले श्रद्धालुओं की भावनाओं का आदर करना चाहिए। बाबा बालक नाथ बाल ब्रह्मचारी थे तथा महिलाओं से दूर रहते थे।
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इसी कारण महिलाएं गुफा के नजदीक दर्शन नहीं करतीं। मंदिर में हर रोज सैकड़ों महिलाएं बाबा के दर्शनों के लिए आती हैं, लेकिन इससे पहले कभी किसी भी महिला के द्वारा बाबा की गुफा में प्रवेश नहीं किया था। महिलाएं बाबा की गुफा के समांतर के ठीक सामने बने चौबारे से दर्शन करती हैं।