{"_id":"58bacb204f1c1b507f830842","slug":"dispute-over-sho-bilaspur-transfers","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसएचओ के तबादले पर डीजीपी और एसपी आमने-सामने, बढ़ा विवाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसएचओ के तबादले पर डीजीपी और एसपी आमने-सामने, बढ़ा विवाद
ब्यूरो/अमर उजाला, बिलासपुर
Updated Sun, 05 Mar 2017 12:03 AM IST
विज्ञापन
तबादले के मामले में डीसी को ज्ञापन सौंपते पंचायत प्रतिनिधि
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल के सदर थाना बिलासपुर में एसएचओ के तबादले पर डीजीपी और एसपी आमने-सामने हो गए हैं। नवंबर माह में हुए एसएचओ के तबादले को बीते शुक्रवार को डीजीपी ने रद्द कर दिया। बावजूद इसके एसपी ने एसएचओ को रिलीव कर कांगड़ा में ज्वाइन करने के आदेश दे दिए।
विज्ञापन
डीजीपी की ओर से तबादला निरस्त करने के बावजूद एसपी के इस कदम से विवाद खड़ा हो गया है। एसएचओ के तबादले की खबर के बाद लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। छात्र संगठनों ने कांग्रेस के एक नेता और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
विज्ञापन
जनप्रतिनिधियों ने भी सरकार को ज्ञापन भेजकर तबादले को निरस्त करने की मांग की है। एसएचओ सदर का तबादला पिछले साल 23 नवंबर को कांगड़ा के लिए हुआ था। इसके बाद लोगों की मांग पर तबादले पर रोक लगाने की बात कही गई थी।
विज्ञापन
इस बीच, हाई प्रोफाइल डियारा कांड, नशे के कारोबारियों और खनन माफिया पर शिकंजा कसने के कारण थाना प्रभारी कई रसूखदारों के निशाने पर आ गए। बीते शुक्रवार को पुलिस के आला अधिकारियों ने एसएचओ के कांगड़ा के तबादला आदेश रद्द कर दिए।
डीजीपी के तबादला आदेश निरस्त करने के बावजूद एसपी बिलासपुर राहुल नाथ ने थाना प्रभारी को कांगड़ा ज्वाइन करने का फरमान जारी कर दिया। तबादले को लेकर उठापटक से सवाल उठ रहा है आखिर डीजीपी के आदेश के बावजूद ऐसी क्या नौबत आ गई कि एसपी को आला अधिकारी के आदेश दरकिनार करने पडे़?
डीजीपी का नो कमेंट
इस बारे में जब डीजीपी संजय कुमार से संपर्क किया गया तो उन्होंने इस बारे में कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। हालांकि, उन्होंने यह जरूर कहा कि तबादले का मामला पुराना है।
उधर, एसपी बिलासपुर राहुल नाथ ने कहा कि तबादला पहले हुआ था। इसके बाद उन्हें शुक्रवार को रिलीव किया गया है। तबादला रद्द होने के बारे में शिमला से सूचना मांगी गई है।
माइनिंग, नशा कारोबारियों पर कसा था शिकंजा
थाना प्रभारी भूपेंद्र ठाकुर ने अपने बिलासपुर थाना प्रभारी के रूप में करीब 6 महीने के कार्यकाल में 86 माइनिंग के मामलों पर कार्रवाई की। 14 एनडीपीएस के तहत केस दर्ज किए। वे कई रसूखदारों की नजर में चुभ रहे थे।