कंडक्टर भर्ती फिर विवादों में, चयन के बाद रोक दी 157 की अभ्यर्थियों की ज्वाइनिंग
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पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुई कंडक्टर भर्ती फिर विवादों में आ गई है। भाजपा सरकार ने परिणाम घोषित करने के बाद चयनित 1235 कंडक्टरों में से 157 की ज्वाइनिंग रोक दी है। सरकार का कहना है कि जांच में इनके दस्तावेज सही नहीं पाए गए।
उधर, चयनित कंडक्टरों का कहना है कि यदि दस्तावेज सही नहीं थे, तो चयन प्रक्रिया के दौरान यह बात क्यों सामने नहीं आई। शुक्रवार को एचआरटीसी के कार्यकारी निदेशक से मुलाकात कर इन चयनित अभ्यर्थियों ने पांच दिन में नियुक्ति देने का आग्रह किया।
इनका कहना है कि यदि नियुक्ति नहीं दी तो वे कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। वीरभद्र सरकार के कार्यकाल में हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) ने अगस्त, 2017 में कंडक्टर भर्ती के लिए आवेदन मांगे गए। करीब चालीस हजार अभ्यर्थियों ने इसके लिए आवेदन किया।
मंत्री बोले- 157 अभ्यर्थियों के दस्तावेज गलत
पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ही इसकी परीक्षा ली गई। फाइनल परिणाम निकालने से पहले विधानसभा चुनाव का एलान हो गया। आदर्श चुनाव आचार संहिता के चलते इसका परिणाम रुक गया। हालांकि, इस बीच निगम प्रबंधन ने भर्ती परिणाम घोषित करने के लिए चुनाव आयोग से अनुमति मांगी, लेकिन आयोग ने इससे इनकार कर दिया।
चुनाव के बाद प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हो गया और भाजपा की सरकार बन गई। भाजपा सरकार ने शुरू में ही भर्ती की जांच के आदेश दे दिए। जांच में कुछ न मिलने पर सरकार ने मई, 2018 में इसका रिजल्ट घोषित कर दिया।
कंडक्टर भर्ती में 1235 अभ्यर्थियों का चयन हुआ था। इनमें से 1078 को ज्वाइनिंग दे दी गई है। जांच के बाद 157 अभ्यर्थियों के दस्तावेज गलत पाए गए, जिस कारण इनकी ज्वाइनिंग रोक दी गई है। - गोविंद सिंह ठाकुर, परिवहन मंत्री