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Bilaspur: बागा सीमेंट प्लांट में क्लींकर के भाड़े पर विवाद, ट्रक ऑपरेटर हड़ताल पर

Tue, 09 Jul 2024 10:52 AM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Published by: Krishan Singh Updated Tue, 09 Jul 2024 10:52 AM IST
सार

  करीब 1800 ऑपरेटरों के हड़ताल पर उतरने पर अब कंपनी ने भी राजपुरा के लिए क्लींकर की ढुलाई बंद कर दी। राजपुरा के लिए क्लींकर राजस्थान से मंगवाया जा रहा है। 

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Dispute over clinker freight, truck operators on strike
ट्रक ऑपरेटर हड़ताल पर - फोटो : संवाद

विस्तार

अल्ट्राटेक के बागा सीमेंट प्लांट में क्लींकर की ढुलाई कार्य में लगे 3500 में से 1800 ट्रक ऑपरेटर काम बंद कर हड़ताल पर उतर गए हैं। सीमेंट कंपनी ने ऑपरेटरों को पंजाब के राजपुरा तक का ढुलाई भाड़ा 30 प्रतिशत तक कम करने को कहा था, इस पर ऑपरेटर तैयार नहीं हुए और हड़ताल शुरू कर दी।   करीब 1800 ऑपरेटरों के हड़ताल पर उतरने पर अब कंपनी ने भी राजपुरा के लिए क्लींकर की ढुलाई बंद कर दी।

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राजपुरा के लिए क्लींकर राजस्थान से मंगवाया जा रहा है। दूसरी ओर, अल्ट्राटेक ने हिमाचल में सीमेंट की सप्लाई पंजाब के बघेरी प्लांट से जारी रखी है। उधर, ऑपरेटरों ने कहा कि कंपनी को माल की ढुलाई सीधी डीलरों को करनी चाहिए या डंप कम से कम 150 किलोमीटर दूर बनाने चाहिए। कंपनी ने राजपुरा के लिए क्लींकर का भाड़ा कम करने को कहा है, यह मांग नहीं मानी जाएगी। कंपनी राजपुरा के लिए क्लींकर की ढुलाई वर्तमान भाड़े पर फिर से शुरू करे। 

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यह भी है विवाद की वजह
हड़ताल पर जाने एक अन्य वजह सीमेंट के डंपों को बंद न करना है। ट्रक ऑपरेटरों की मांग है कि नेरचौक, पधर, भोटा, नादौन और धर्मपुर में चल रहे सीमेंट डंपों को बंद किया जाए। कंपनी ने ऑपेटरों की मांग मानने से इन्कार कर दिया। हालांकि, ऑपरेटरों ने दो महीने पहले ही इन डंपों के लिए माल ढुलाई बंद कर दी है। 

पांच दिन में ऑपरेटर 1,000 से कम कमाएगा तो खाएगा क्या  
बिलासपुर और सोलन के ट्रक ऑपरेटरों ने खारसी में सोमवार को सभा की। खारसी परिवहन सभा के महासचिव दौलत राम ठाकुर ने कहा कि 70 प्रतिशत सीमेंट ढुलाई नेरचौक और बाकी भोटा डंप पर की जाती है। फोरलेन बनने के बाद अन्य डंपों की औसतन दूरी मात्र 60 किमी रह गई है। डंप पर ट्रक चालक एक से डेढ़ घंटे में पहुंच जाता है, लेकिन माल को ट्रक में भरने में दो दिन और उतारने में दो दिन लगते हैं। मालभाड़ा एक हजार से कम बनता है। ऑपरेटर पांच दिन में 1000 रुपये से कम कमाएगा तो खाएगा क्या।

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