अब बागवानी निदेशक की नियुक्ति पर विवाद, ट्रिब्यूनल पहुंचा मामला
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हिमाचल में मुख्य सचिव के बाद अब बागवानी निदेशक की नियुक्ति पर विवाद खड़ा हो गया है। बागवानी विभाग के अतिरिक्त निदेशक ने नियुक्ति को प्रशासनिक ट्रिब्यूनल में चुनौती दे दी है। याचिका पर ट्रिब्यूनल ने प्रधान सचिव उद्यान से 15 मार्च तक जवाब तलब किया है। जवाब न देने पर उन्हें व्यक्तिगत तौर पर हाजिर होने को कहा गया है।
सरकार ने पहली बार विभागीय अधिकारी को प्रमोट करने के बजाय डा. वाईएस परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के अधिकारी डा. एचएस बावेजा को उद्यान निदेशक का कार्यभार दिया है। प्रदेश कृषि उत्पाद मार्केटिंग बोर्ड शिमला के प्रबंध निदेशक डा. एचएस बावेजा को हाल ही में बागवानी निदेशक का कार्यभार सौंपा गया है।
अतिरिक्त निदेशक ने प्रशासनिक ट्रिब्यूनल में याचिका दायर कर दी चुनौती
डा. डीपी भंगालिया के निदेशक पद से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हें यह अतिरिक्त कार्यभार दिया है। सरकार के इस आदेश को बागवानी विभाग के अतिरिक्त निदेशक डा. एचआर शर्मा ने प्रशासनिक ट्रिब्यूनल में चुनौती देते हुए मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और बागवानी निदेशक को पार्टी बनाया है।
धर्मशाला में कार्यरत डा. एचआर शर्मा ने शिकायत की है कि निदेशक पद के लिए वे सबसे वरिष्ठ हैं। उन्होंने याचिका में कहा है कि विभाग जल्द डीपीसी करवाए। प्रधान सचिव बागवानी जेसी शर्मा ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि ट्रिब्यूनल ने निदेशक के पद के लिए 31 मार्च तक डीपीसी करने को कहा है। राज्य सरकार से 15 मार्च से पहले जवाब मांगा गया है।
बागवानी मंत्री की पसंद भी थी अलग
राज्य सचिवालय के सूत्रों के अनुसार नए निदेशक पद के लिए बागवानी मंत्री की पसंद एक अन्य अधिकारी थे। इस बारे में मंत्री विद्या स्टोक्स की ओर से सीएम वीरभद्र सिंह को अपनी राय दी जा चुकी थी, मगर सीएम कार्यालय की ओर से डा. एचएस बावेजा को ही निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार देने के आदेश जारी किए गए। बाद में बागवानी मंत्री इस आदेश से सहमत हो गई थीं।