मैच में भूख हड़ताल कर सकते हैं शहीदों के परिवार
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हिमाचल के धर्मशाला में हो रहे भारत-पाक मुकाबले को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। अब शहीदों के परिवार इस मुकाबले के विरोध में भूख हड़ताल कर सकते हैं। पूर्व सैनिक कल्याण समिति की बिलासपुर में अहम बैठक हुई।
इसमें प्रदेशाध्यक्ष सूबेदार प्रकाश चंद ने कहा कि पठानकोट हमले के शहीद की पत्नी यदि धर्मशाला के शहीद स्मारक पर भूख हड़ताल पर बैठती है, तो पूर्व सैनिक कल्याण समिति भी 19 मार्च को वहां भूख हड़ताल करेगी।
शहीद स्मारक धर्मशाला से 300 मीटर की दूरी पर पाकिस्तान का झंडा फहराया जाए तो प्रदेश के शहीदों का अपमान होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश व देश के जवान लगातार पाकिस्तान के आतंकवादियों द्वारा शहीद किए जा रहे हैं। अभी हाल ही में पठानकोट हमले में हिमाचल के दो जवान शहीद हो गए।
उस समय रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा था कि अब पाकिस्तान को मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहीद सैनिकों के सम्मान के मद्देनजर पाकिस्तान के साथ मैच रद्द होना चाहिए। उन्होंने बीसीसीआई के सचिव व एचपीसीए के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर से मांग की कि धर्मशाला में भारत-पाकिस्तान का टी-20 मैच न करवाया जाए।
धर्मशाला में भारत-पाक मैच रद्द होना जरूरी : महेश्वर
हिलोपा के प्रदेश अध्यक्ष महेश्वर सिंह ने स्पष्ट किया कि वह क्रिकेट और अन्य खेलों के विरोधी नहीं हैं। लेकिन, पाकिस्तान के आतंकवादी रुख और प्रदेश के सैनिक परिवारों की भावनाओं के मद्देनजर धर्मशाला में भारत-पाक के प्रस्तावित मैच का रद्द होना जरूरी है।
इस मामले में उन्होंने प्रदेश सरकार से कोई ठोस कदम उठाने और केंद्र सरकार से बात करने की भी मांग की। यदि इस प्रस्तावित मैच को लेकर विरोध स्वरूप कोई आंदोलन होता है तो उनकी पार्टी उसमें शामिल होगी। उन्होंने सरकार से पीलिया को महामारी घोषित कर प्रभावितों को मुआवजा देने की मांग की है।
नगरोटा बगवां में पार्टी की राज्य कार्यकारिणी की बैठक के बाद प्रेस वार्ता करते हुए महेश्वर सिंह ने कहा कि लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाना प्रदेश सरकार का दायित्व है। लेकिन, वह इसमें असफल रही है।
प्रदेश के कई जिलों में अपने पैर पसार चुके पीलिया के कारण आधिकारिक तौर पर 25 लोगों के मरने का आंकड़ा बताया जा रहा है। यह आंकड़ा अधिक हो सकता है। इसलिए सरकार इसे महामारी घोषित करके मृतकों के परिवारों और प्रभावितों को शीघ्र मुआवजा दे।