मंदिर में फिर लिखा शूद्र, जोड़ी नई परिभाषा
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हिमाचल के बिलासपुर जिले में प्रसिद्ध तीर्थ स्थल मार्कंडेय मंदिर परिसर स्थित शिव मंदिर में विवादित शब्द का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। कोर्ट के आदेश पर जिला प्रशासन की ओर से मिटाई गई विवादित सूचना को अब पेंट कर उस जगह विवादित शब्द लिख दिए हैं। हालांकि, साथ ही एक अन्य सूचना जोड़कर विवादित शब्द की परिभाषा भी लिख डाली है।
मंदिर की दीवार पर अब लिखा गया है-शूद्र से अभिप्राय किसी जाति विशेष से नहीं अपितु शराबी व्यक्ति से है। इधर, पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की गारद मंदिर में तैनात कर दी गई है। ऋषि मार्कंडेय मंदिर परिसर के समीप स्थित शिव मंदिर की दीवार पर शूद्रों के प्रवेश पर रोक संबंधित एक विवादित सूचना लिखी गई थी।
मामले के तूल पकड़ने के बाद उच्च न्यायालय ने आदेश दिए थे कि एसडीएम पुरानी सूचना को मिटाकर नई सूचना लगाएं और यह दर्शाएं कि यह मंदिर सभी धर्मों, जाति के लिए खुला है। लिहाजा, न्यायालय के आदेशानुसार एसडीएम सदर एमएल मेहता ने मौके पर जाकर विवादित शब्द मिटाकर वहां यह लिखवा दिया कि यह मंदिर सभी धर्म, जाति और समुदाय के लिए खुला है।
कानून के तहत होगी कार्रवाई
दूसरे ही दिन मंदिर के महंत ने यह सूचना मिटाकर फिर से विवादित सूचना लिख दी थी। इस पर महंत के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज की गई। अब विवादित सूचना के साथ नई पंक्ति लिखकर शूद्र शब्द को भी परिभाषित किया गया है। इस पर अब नई विवाद पैदा हो गया है। लोगों का कहना है कि सीधे शराबी व्यक्ति के प्रतिबंध की बात कही जा सकती है।
मनमाने ढंग से इसे परिभाषित क्यों किया जा रहा है। डीएसपी हेड क्वार्टर एवं जांच अधिकारी प्रताप सिंह ठाकुर ने बताया कि विवादित सूचना को उन्होंने स्वयं दो दिन पहले मिटाया गया था। अब इसे परिभाषित किया गया है। कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस की गारद मंदिर में लगा दी गई है।