प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय: मिड-डे मील आवंटन जांचने के लिए फील्ड में जाएंगे उपनिदेशक
प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने हर जिला के 25 फीसदी स्कूलों का निरीक्षण अनिवार्य तौर पर करने के निर्देश जारी किए हैं। कोरोना संकट के बीच विद्यार्थियों को सूखा राशन मुहैया करवाया जा रहा है। कुकिंग कॉस्ट की राशि सिर्फ बैंक खातों में देने की व्यवस्था की गई है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील आवंटन जांचने के लिए उपनिदेशक फील्ड में उतरेंगे। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने हर जिला के 25 फीसदी स्कूलों का निरीक्षण अनिवार्य तौर पर करने के निर्देश जारी किए हैं। कोरोना संकट के बीच विद्यार्थियों को सूखा राशन मुहैया करवाया जा रहा है। कुकिंग कॉस्ट की राशि सिर्फ बैंक खातों में देने की व्यवस्था की गई है। ऐसे में निदेशालय ने मौके पर जाकर इन सुविधाओं का लाभ पात्र विद्यार्थियों तक पहुंचाना सुनिश्चित करवाने का फैसला लिया है। स्कूलों के निरीक्षण की रिपोर्ट को 15 अक्तूबर तक निदेशालय में भेजने को कहा गया है।
पहली से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को स्कूलों में मध्यान भोजन देने की व्यवस्था है। कोरोना संकट के चलते बीते वर्ष से बंद हुए स्कूलों के कारण सरकार ने बच्चों को सूखा राशन देने की व्यवस्था की है। सूखे भोजन के तहत प्राइमरी कक्षा में प्रति विद्यार्थी रोजाना सौ ग्राम और अपर प्राइमरी में प्रति विद्यार्थी रोजाना 150 ग्राम चावल दिए जाते हैं। कुकिंग कास्ट के तहत प्राइमरी में 4.97 रुपये और अपर प्राइमरी में 7.45 रुपये प्रति दिन प्रति विद्यार्थी की दर से बैंक खातों में दिए जाते हैं।