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सिर्फ यहां लागू होगी पार्किंग की बढ़ी हुई फीस
ब्यूरो/ अमर उजाला, शिमला
Updated Sun, 03 Aug 2014 11:35 PM IST
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हिमाचल की राजधानी शिमला में वाहन खड़े करन की पार्किंगों में अलग-अलग फीस वसूली जा रही है। इसकी वजह निगम सदन का निर्णय है जिसमें पार्किंग की बढ़ी हुई दरें सिर्फ नगर निगम द्वारा खुद चलाई जा रही पार्किंगों में लागू होगी।
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ठेकेदारों को दी गई पार्किंगों में पुरानी दरों पर ही पार्किंग फीस लगेगी। ठेके पर पार्किंग लेेने वाले ठेकेदारों को 12.36 फीसदी सर्विस टैक्स अपनी जेब से चुकाना होगा।
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निगम जिन पार्किंगों को खुद चला रहा है वहां जनता से सर्विस टैक्स की वसूली होगी। नगर निगम की पार्किंगों में ठेके पर दी गई पार्किंगों के मुकाबले 10 से 20 रुपये ज्यादा फीस लगेगी।
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नगर निगम इन दिनों दो पार्किंगों मैट्रोपोल के सामने सबसे ऊपरी मंजिल और चौथी मंजिल को खुद चला रहा है। सदन में पारित पार्किंग की बढ़ी दरों को इन पार्किंगों में लागू कर दिया गया है। नगर निगम की पार्किंग में 24 घंटे पार्किंग के जहां 200 रुपये है, वहीं अन्य पार्किंगों में 180 रुपये फीस है।
निगम की पार्किंगों को टेंडर के माध्यम से लेने वाले ठेकेदार राजेंद्र वर्मा और विकास सूद का कहना है कि जब दरें बढ़ाई हैं तो सभी पार्किंगों में लागू होनी चाहिए।
अपनी पार्किंगों से तो नगर निगम सर्विस टैक्स लोगों से ले रहा है जबकि हमें टैक्स स्वयं देने को कहा है। दोहरी कार्यप्रणाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नगर निगम के पार्किंग के रेट पहले ही बहुत कम है। ठेकेदारों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
सहायक आयुक्त नरेश ठाकुर का कहना है कि फरवरी 2014 से सर्विस टैक्स लागू किया गया है। ठेकेदारों को टेंडर देते समय फीस बढ़ाने का अनुबंध नहीं हुआ था। इन पार्किंगों के जब दोबारा टेंडर होंगे तभी यहां बढ़ी हुई दरें लागू होंगी।
नगर निगम की अधिकांश पार्किंगों के टेंडर की अवधि समाप्त हो चुकी है लेकिन सभी पार्किंगों को खुद चलाने में असमर्थ नगर निगम ने पार्किंगों को पुराने ठेकेदारों को ही ऐक्सटेंशन देकर अपना काम चलाया हुआ है।