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सरकार बताए क्यों बार बार लिया जा रहा है ऋणः धूमल
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Mon, 21 Sep 2015 11:01 AM IST
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नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने सरकार के एक महीने की अवधि में 700 करोड़ के ऋण लेने के फैसले को गलत ठहराया है। कहा कि कांग्रेस सरकार ने तीन वर्ष के शासनकाल में प्रदेश को आर्थिक दिवालियापन की कगार पर पहुंचा दिया है।
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सरकार में व्याप्त भ्रष्टाचार, बेतरतीब खर्चे और आर्थिक कुप्रबंधन ने प्रदेश को ऋणों के मकड़जाल में फंसा दिया है। मात्र तीन वर्षों में 9000 करोड़ के ऋणों से प्रदेश की आर्थिकी पूरी तरह से टूट जाएगी। उन्होंने सरकार से अब तक हुए खर्चों के बारे में श्वेतपत्र जारी करने की मांग की।
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कहा कि सरकार की ओर से बार-बार ऋण लेने का औचित्य समझ नहीं आ रहा है। केंद्र में पूर्व की कांग्रेसनीत यूपीए सरकार की तुलना में एनडीए सरकार ने प्रदेश को ज्यादा आर्थिक सहायता दी है। यूपीए सरकार के दौरान 13वें वित्त आयोग में हिमाचल को पांच वर्षों में लगभग 21,000 करोड़ की सहायता मिली।
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चौदहवें वित्तायोग से हिमाचल को 72,000 करोड़ से अधिक की राशि मिलने वाली है। केंद्रीय करों में पूर्व के 11,131 करोड़ की तुलना में 27,764 करोड़ की राशि मिलेगी। कहा कि मात्र एक वर्ष में प्रदेश को यूपीए सरकार की तुलना में 10,717 करोड़ से अधिक राशि का आवंटन हुआ है। नीति आयोग के लिए 20,000 करोड़ का प्रावधान किया है।
इसमें भी इस वर्ष हिमाचल का हिस्सा मिलना तय है। इसके अलावा रेलवे और राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण को अलग से राशि का आवंटन किया है। धूमल ने कहा कि इन आर्थिक सहायताओं के बावजूद कांग्रेस सरकार को बार-बार ऋण लेना पड़ रहा है और यह पैसा कहां जा रहा है?