धर्मशाला युद्ध संग्रहालय बयां करेगा भारत-पाक युद्ध में जांबाजी का इतिहास
वर्ष 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में भारतीय नौसेना के जवानों के योगदान की पूरी जानकारी प्रदेश के एकमात्र युद्ध संग्रहालय धर्मशाला में मिलेगी। युद्ध संग्रहालय में भारतीस नौसेना की कॉफी टेबल बुक, सीडी और 1971 के युद्ध का जरनल (पत्रिका) रखा जाएगा।
जिसको कोई शोधार्थी अपने शोध कार्य में संदर्भ (रेफरेंस) देने में भी प्रयोग कर सकता है। शुक्रवार को युद्ध संग्रहालय धर्मशाला में हथियार, नौसेना के विमान का मॉडल, मैनक्विंस, कॉफी टेबल बुक की खेप जलबपुर और नई दिल्ली से आई। जिसे आम लोगों के लिए युद्ध संग्रहालय में प्रदर्शनी को रखा जाएगा।
इसके अलावा जवान के स्टेच्यू भी आए हैं, जिन्हें नौसेना की यूनिफॉर्म पहनाई जाएगी। उधर, सैनिक कल्याण विभाग कांगड़ा के उपनिदेशक मनोज राणा ने कहा कि नौसेना, वायु सेना व थल सेना के हथियार सहित अन्य सामग्री जबलपुर और नई दिल्ली से युद्ध संग्रहालय धर्मशाला के लिए आई है। जिसे जल्द युद्ध संग्रहालय में स्थापित किया जाएगा।
युद्ध संग्रहालय धर्मशाला के नौसेना के मारकोज नेवल कंमाडो स्टेच्यू भी स्थापित किए जाएंगे। पर्यटक अब मारकोज नेवल कंमाडो के स्टेच्यू के साथ सेल्फी ले सकेंगे।