धर्मशाला बनी हिमाचल की दूसरी राजधानी, कैबिनेट ने दी मंजूरी
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धर्मशाला को दूसरी राजधानी बनाए जाने की सीएम वीरभद्र सिंह की घोषणा पर हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल ने वीरवार को अपनी मुहर लगा ली है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में धर्मशाला को दूसरी राजधानी बनाए जाने पर फैसला ले लिया गया।
अब धर्मशाला स्थित मिनी सचिवालय हिमाचल सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) के अधीन आ जाएगा। अभी तक जिला प्रशासन के अधीन रहे इस मिनी सचिवालय में लोगों की समस्याओं की सुनवाई को कांगड़ा जिले के मंत्री और अधिकारी ही बैठते रहे हैं।
अब प्रदेश के मंत्री और बड़े प्रशासनिक अधिकारी भी इस मिनी सचिवालय में बैठेंगे। प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन वीरवार हाउस अगले दिन के लिए स्थगित किए जाने के बाद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई।
सीएम ने की थी घोषणा, जीएडी का दूसरा स्टाफ भी बैठेगा
करीब एक घंटे तक चली इस बैठक में राज्य मंत्रिमंडल ने धर्मशाला को प्रदेश की दूसरी राजधानी बनाने की सीएम वीरभद्र सिंह की घोषणा को लागू करने का बड़ा फैसला लिया गया। अभी तक धर्मशाला स्थित मिनी सचिवालय उपायुक्त कार्यालय के अधीन रहा है, मगर अब इसे हिमाचल प्रदेश सचिवालय शिमला के सामान्य प्रशासन विभाग के तहत लाने का फैसला ले लिया गया है।
अपने शीतकालीन प्रवास के दौरान सीएम वीरभद्र्र सिंह ने 18 जनवरी को धर्मशाला को दूसरी राजधानी बनाने की घोषणा की थी। हालांकि, वर्तमान में इस मिनी सचिवालय में सीएम कार्यालय के अधिकारियों की नियुक्तियां रही हैं। यहां अब जीएडी का दूसरा स्टाफ भी बैठेगा।
आउटसोर्स कर्मचारियों की नीति पर भी फैसला
हिमाचल सरकार विधि विभाग की राय के बाद ही आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नीति बनाएगी। राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में तत्काल किसी नीति को बनाने पर फैसला नहीं हो पाया। यह भी बात सामने आई कि अभी तक किस विभाग में कितने आउटसोर्स कर्मचारी है, इस पर आंकड़े ही स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। पूरे आंकड़े आने के बाद ही इस दिशा में आगे बढ़ा जा सकेगा।
आधा दर्जन बिजली परियोजनाओं की भूमि लीज को मंजूरी
हिमाचल मंत्रिमंडल ने करीब आधा दर्जन बिजली परियोजनाओं को लीज भूमि देने या ऐसी जमीन की लीज अवधि को बढ़ाने और लीज के नवीकरण को भी मंजूरी दे दी। इसी तरह से राज्य मंत्रिमंडल कुछ नए वाहनों की खरीद करने को भी स्वीकृति दे डाली। ई-गवर्नेंस के तहत रखे गए राजस्व अधिकारियों को नियमित करने का भी फैसला लिया गया।
वीरभद्र सरकार ने कांगड़ा और अन्य जिलों को दिया बड़ा तोहफा
शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने कहा कि कांगड़ा, चंबा, हमीरपुर और ऊना जिलों के लोगों को वीरभद्र सरकार का सबसे बड़ा तोहफ ा मिला है। अब सभी मंत्री और आला अधिकारी धर्मशाला स्थित मिनी सचिवालय में बैठेंगे। सीएम वीरभद्र सिंह ने जो घोषणा शीतकालीन प्रवास के दौरान की थी, उसे अमलीजामा पहना दिया गया है।