धर्मशाला: तिब्बती निर्वासित संसद ने पारित किया 340.742 करोड़ रुपये का बजट
कार्यवाही की शुरुआत तिब्बती राष्ट्रगान से हुई, जिसके बाद अध्यक्ष ने अपना उद्घाटन संबोधन दिया और सत्र के संचालन के लिए कार्यवाहक अध्यक्षों तथा अस्थायी समिति के सदस्यों की नियुक्ति की।
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तिब्बती निर्वासित संसद का बजट सत्र (17वीं संसद का 11वां सत्र) सोमवार को शुरू हुआ। यह 30 मार्च तक आयोजित किया जाएगा। सत्र के आरंभ की घोषणा संसद के अध्यक्ष खेन्पो सोनम तेनफेल ने की। सत्र में उपाध्यक्ष डोलमा सेरिंग तेयखांग, सिक्योंग (प्रधानमंत्री) पेंपा सेरिंग, मंत्रिपरिषद के सदस्य तथा सांसद उपस्थित रहे। कार्यवाही की शुरुआत तिब्बती राष्ट्रगान से हुई, जिसके बाद अध्यक्ष ने अपना उद्घाटन संबोधन दिया और सत्र के संचालन के लिए कार्यवाहक अध्यक्षों तथा अस्थायी समिति के सदस्यों की नियुक्ति की। अपने संबोधन में अध्यक्ष ने दलाई लामा तथा निर्वासन में रह रहे तिब्बती समुदाय की वरिष्ठ पीढ़ी के दूरदर्शी प्रयासों को याद किया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार और भारतीय जनता सहित कई देशों और अंतरराष्ट्रीय समर्थकों के सहयोग से तिब्बती समुदाय पिछले छह दशकों से अधिक समय से अपनी भाषा, संस्कृति और धार्मिक परम्पराओं को सुरक्षित रखने में सफल रहा है तथा तिब्बत के मुद्दे के प्रति वैश्विक जागरूकता भी बढ़ी है।
अध्यक्ष ने चीन की संसद राष्ट्रीय जन कांग्रेस में हाल ही में पारित उन नीतियों का भी उल्लेख किया, जिनमें जातीय एकता और सांस्कृतिक एकरूपता को बढ़ावा देने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि इन नीतियों के तहत अल्पसंख्यक समुदायों और धार्मिक परम्पराओं पर नियंत्रण कड़ा किया जा रहा है, जिससे तिब्बती भाषा और पहचान पर प्रभाव पड़ने की आशंका है। उन्होंने स्वतंत्र देशों में रह रहे तिब्बतियों से अपनी भाषा और संस्कृति को मजबूत बनाए रखने का आह्वान किया।
सत्र के दौरान सांसद सेर्ता त्सुलत्रिम ने दलाई लामा के सबसे छोटे भाई नगारी रिनपोछे तेनजिन छोएग्याल के निधन पर शोक प्रस्ताव प्रस्तुत किया। उनका निधन 17 फरवरी 2026 को हुआ था। इसके बाद सिक्योंगे पेंपा सेरिंग ने वर्ष 2026–27 के लिए प्रशासन का प्रस्तावित बजट प्रस्तुत किया, जिसकी कुल राशि 340.742 करोड़ रुपये रखी गई है। इसके पश्चात संसद की बजट अनुमान समिति के अध्यक्ष छोदक ग्यात्सो ने समिति की संक्षिप्त रिपोर्ट सदन के समक्ष रखी। बाद में सांसद कर्मा गेलेक ने बजट पर चर्चा आरम्भ करने का प्रस्ताव रखा, जिसका समर्थन सांसद जुचेन कुंचोक चोडोन ने किया।