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शिमला बाहर, धर्मशाला सिटी की सूची में शामिल

Sun, 02 Aug 2015 11:21 AM IST
एजेंसी/ नई दिल्ली
एजेंसी/ नई दिल्ली Updated Sun, 02 Aug 2015 11:21 AM IST
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dharamsala in smart city project.

स्मार्ट शहर परियोजना की सूची में मुंबई, कोलकाता, लखनऊ, जयपुर और भुवनेश्वर जैसे शहरों ने जगह पाई है। ये सभी विभिन्न राज्यों की राजधानियां हैं। हालांकि, पटना, शिमला, तिरुवनंतपुरम, गंगटोक और बंगलूरू शहरी विकास मंत्रालय द्वारा जारी स्मार्ट शहर परियोजना की सूची में स्थान नहीं पा सके हैं। सूची में अब तक 98 शहरों को शामिल किया गया है जिनमें सबसे अधिक उत्तर प्रदेश से हैं। उत्तर प्रदेश के 13 शहरों को स्मार्ट शहर परियोजना की सूची में शामिल किया गया है।

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जो मानदंड अपनाए गए हैं उसके अनुसार, उत्तर प्रदेश को स्मार्ट शहर के सबसे अधिक 13 स्लॉट मिले हैं। भौगोलिक स्तर पर समानता रहे इसलिए, प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश को एक-एक स्लॉट दिया गया था। विजयवाड़ा, रायपुर और गुवाहाटी के अलावा दिल्ली सहित सभी केंद्र शासित प्रदेश स्मार्ट शहर की सूची में शामिल हैं।
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राज्यों की राजधानियों की तुलना में कुछ छोटे शहरों ने सूची में स्थान पाने के मामले में बाजी मारी है। बिहार में बिहारशरीफ को नामित किया लेकिन पटना को जगह नहीं मिली। इसी तरह हिमाचल प्रदेश में शिमला को धर्मशाला ने मात दे दी है। कर्नाटक के शिवमोगा को भी नामित किया गया है।
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स्मार्ट शहर के तौर पर नामित सभी 100 शहरों में से प्रत्येक को अब ‘स्मार्ट शहर योजना’ तैयार करने की जरूरत होगी। इन योजनाओं का मूल्यांकन शहरी विकास मंत्रालय में शीर्ष इकाई द्वारा ‘सिटी चैलेंज’ प्रतिस्पर्धा के दूसरे चरण में किया जाएगा। मूल्यांकन के लिए स्मार्ट शहर योजनाओं की विश्वसनीयता, संसाधन जुटाने की क्रियात्मक योजना, आर्थिक प्रभाव के अलावा कितने लोगों इससे फायदा पहुंचेगा और कितने लोगों को रोजगार मिलेगा तथा पर्यावरण पर क्या प्रभाव होगा आदि मानदंड होंगे।

दूसरे चरण के मूल्यांकन के आधार पर 100 में से शीर्ष 20 शहरों को चालू वित्त वर्ष के दौरान 200-200 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद की जाएगी। अगले दो वर्षों में 40 शहरों को केंद्रीय फंडिंग के लिए चयनित किया जाएगा। अन्य शहरों को अपनी कमियों को पूरा करने की सलाह दी जाएगी।


100 स्मार्ट शहरों के लिए 48,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा, ‘हम इस महीने के अंत तक प्रस्तावों की पूरी तरह जांच कर स्मार्ट शहर के पहले समूह का चयन करेंगे।’

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