Himachal News: 'हिमाचल में शगुन योजना बंद नहीं, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के आरोप आधारहीन'
हिमाचल में शगुन योजना बंद नहीं की गई है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और भारतीय जनता पार्टी प्रदेश के लोगों को भ्रमित करने के प्रयास कर रही है। ये कहना है स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री धनीराम शांडिल का।
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स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री धनीराम शांडिल ने कहा कि प्रदेश सरकार महिला कल्याण की दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है। जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और भारतीय जनता पार्टी प्रदेश के लोगों को भ्रमित करने के प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में जयराम ठाकुर ने बेटियों की शादी के लिए प्रदेश सरकार की ओर से चलाई जा रही शगुन योजना पर टिप्पणी की है और आधारहीन दावा किया है कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने इस योजना के तहत बेटियों को शादी पर शगुन के तौर पर दी जा रही राशि को बंद कर दिया है।
'जयराम ठाकुर के आरोप झूठे'
मंत्री धनीराम शांडिल ने कहा कि यह आरोप निराधार और सरासर झूठ हैं। प्रदेश सरकार ने शगुन योजना के तहत वित्त वर्ष 2023-2024 में 18.95 करोड़ रुपये बजट का प्रावधान किया था जिसमें से 14.45 करोड़ रुपये की राशि व्यय की गई है। इस धनराशि से प्रदेश की कुल 4,662 बेटियां लाभान्वित हुई हैं। इस योजना के तहत बेटियों को विवाह पर सरकार की ओर से 31 हजार रुपये शगुन के रूप में दिए जाते हैं। इस वित्त वर्ष में शगुन योजना के तहत 30.40 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है जो पिछले वर्ष की तुलना में 12 करोड़ रुपये अधिक है।
'प्रत्येक पात्र महिला को 1500 रुपये प्रतिमाह'
मंत्री धनीराम शांडिल ने कहा कि इंदिरा गांधी प्यारी बहना महिला सुख-सम्मान निधि योजना प्रदेश की प्रत्येक पात्र महिला को 1500 रुपये प्रतिमाह यानि 18,000 रुपये प्रतिवर्ष प्रदान करने के उद्देश्य से आरंभ की गई है। इस योजना का लाभ प्रदेश की लगभग 2,85,000 महिलाओं को मिलना आरंभ हो चुका है। प्रदेश सरकार लगभग 8,24,000 वृद्ध महिलाओं, विधवाओं, एकल नारियों पर सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत लगभग 1,330 करोड़ रुपये सालाना व्यय कर रही है।