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धामी अस्पताल के बाहर ग्रामीणों ने की नारेबाजी
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मरीज को उपचार न देने के मामले पर हुआ हंगामा, जांच करने आए थे अधिकारी
लोगों ने अधिकारी से की कड़ी कार्रवाई की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। शहर से करीब 35 किमी दूर धामी अस्पताल के बाहर वीरवार को खूब हंगामा हुआ। स्थानीय लोगों ने यहां पर डॉक्टरों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मौके पर आए जांच अधिकारी को अस्पताल की हालत के बारे में लोगों ने अवगत करवाया।
दरअसल दो दिन पहले एक व्यक्ति ने आरोप लगाया था कि वह जख्मी हालत में धामी अस्पताल पहुंचा तो उसे समय पर उपचार नहीं मिला। डॉक्टरों ने कहा कि उनका ड्यूटी टाइम हो चुका है अब दूसरे डॉक्टर ही आने पर उपचार दे पाएंगे। इस पर पीड़ित ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की थी।
वीरवार को इस मामले की जांच को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जांच अधिकारी डॉ. जयप्रकाश को मौके पर भेजा था। इनके आने की स्थानीय लोगों को भनक लग गई और वह मौके पर पहुंच गए तथा अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद पौने तीन बजे जब जांच कमेटी ने अपनी जांच पूरी की तो यहां पर मौजूद धामी पंचायत के प्रधान चंद्रावती, ओखरु पंचायत प्रधान सुनीता ठाकुर, जाबरी पंचायत प्रधान प्रदीप कुमार, बीडीसी सदस्य दीपक कबीर ने अपनी शिकायतें जांच अधिकारी के समक्ष रखीं। इसके बाद लोग घरों को लौट गए। लोगों का आरोप है कि अस्पताल में लोगों को सही ढंग से उपचार नहीं मिल पाता।
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अधिकारी ने दोनों पक्षों से की बात
जांच अधिकारी डॉ. जयप्रकाश ने धामी अस्पताल के भीतर बंद कमरे में दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए। जांच की यह प्रक्रिया पौने घंटे तक चली। जांच अधिकारी ने कहा कि लोगों की शिकायतें से स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया जाएगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी जिला शिमला डॉ. सुरेखा चोपड़ा ने बताया कि शिकायत के आधार पर जांच की गई है। अभी कोई रिपोर्ट नहीं मिली है।
यह है पूरा मामला
धामी में दो दिन पहले एक व्यक्ति घास काटता हुआ जख्मी हो गया था। पीड़ित के पैर के पास गहरा घाव हुआ था। परिजन पीड़ित को धामी अस्पताल ले आए लेकिन वहां मौजूद डॉक्टरों ने ड्यूटी ऑफ होने की बात कही। इसके बाद वहां पर मौजूद फार्मासिस्ट और अन्य कर्मचारी ने युवक का उपचार किया। मरीज ने इस घटनाक्रम की मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत कर दी थी। इसके बाद वीरवार को जांच अधिकारी डॉ. जयप्रकाश दोपहर दो बजे स्वास्थ्य केंद्र आए। यहां पर उन्होंने पीड़ित मरीज से पूछा कि उन्हें यह चोट कब लगी और कितने बजे स्वास्थ्य केंद्र पर आए।
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लोगों ने अधिकारी से की कड़ी कार्रवाई की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। शहर से करीब 35 किमी दूर धामी अस्पताल के बाहर वीरवार को खूब हंगामा हुआ। स्थानीय लोगों ने यहां पर डॉक्टरों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मौके पर आए जांच अधिकारी को अस्पताल की हालत के बारे में लोगों ने अवगत करवाया।
दरअसल दो दिन पहले एक व्यक्ति ने आरोप लगाया था कि वह जख्मी हालत में धामी अस्पताल पहुंचा तो उसे समय पर उपचार नहीं मिला। डॉक्टरों ने कहा कि उनका ड्यूटी टाइम हो चुका है अब दूसरे डॉक्टर ही आने पर उपचार दे पाएंगे। इस पर पीड़ित ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की थी।
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वीरवार को इस मामले की जांच को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जांच अधिकारी डॉ. जयप्रकाश को मौके पर भेजा था। इनके आने की स्थानीय लोगों को भनक लग गई और वह मौके पर पहुंच गए तथा अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद पौने तीन बजे जब जांच कमेटी ने अपनी जांच पूरी की तो यहां पर मौजूद धामी पंचायत के प्रधान चंद्रावती, ओखरु पंचायत प्रधान सुनीता ठाकुर, जाबरी पंचायत प्रधान प्रदीप कुमार, बीडीसी सदस्य दीपक कबीर ने अपनी शिकायतें जांच अधिकारी के समक्ष रखीं। इसके बाद लोग घरों को लौट गए। लोगों का आरोप है कि अस्पताल में लोगों को सही ढंग से उपचार नहीं मिल पाता।
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अधिकारी ने दोनों पक्षों से की बात
जांच अधिकारी डॉ. जयप्रकाश ने धामी अस्पताल के भीतर बंद कमरे में दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए। जांच की यह प्रक्रिया पौने घंटे तक चली। जांच अधिकारी ने कहा कि लोगों की शिकायतें से स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया जाएगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी जिला शिमला डॉ. सुरेखा चोपड़ा ने बताया कि शिकायत के आधार पर जांच की गई है। अभी कोई रिपोर्ट नहीं मिली है।
यह है पूरा मामला
धामी में दो दिन पहले एक व्यक्ति घास काटता हुआ जख्मी हो गया था। पीड़ित के पैर के पास गहरा घाव हुआ था। परिजन पीड़ित को धामी अस्पताल ले आए लेकिन वहां मौजूद डॉक्टरों ने ड्यूटी ऑफ होने की बात कही। इसके बाद वहां पर मौजूद फार्मासिस्ट और अन्य कर्मचारी ने युवक का उपचार किया। मरीज ने इस घटनाक्रम की मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत कर दी थी। इसके बाद वीरवार को जांच अधिकारी डॉ. जयप्रकाश दोपहर दो बजे स्वास्थ्य केंद्र आए। यहां पर उन्होंने पीड़ित मरीज से पूछा कि उन्हें यह चोट कब लगी और कितने बजे स्वास्थ्य केंद्र पर आए।